आदिवासियों को आपस में लड़ाने वालों का अब विरोध

भास्कर न्यूज | कांकेर बडेतेवड़ा आमाबेडा में हुई घटना की गोंडवाना समाज समन्वय समिति बस्तर सम्भाग ने कड़ी निंदा की है। साथ ही चिंता व्यक्त करते कहा आदिवासी भाईयों को किन संगठन के लोग भड़का रहे हैं जिसकी वजह से एक ही समाज के लोग आपस में लड़ने मारने को तैयार हो गए। बड़े तेवडा घटना में चोटिल होकर अस्पताल में भर्ती सामाजिक मांझी, गायता तथा ग्रामीणों से संपर्क कर घटना की जानकारी संभागीय अध्यक्ष सुमेर सिंग नाग, जिलाध्यक्ष कांकेर राजेश भास्कर, सर्व आदिवासी समाज जिलाध्यक्ष कन्हैया उसेण्डी ने चर्चा की तथा सुझाव दिया की इसके समाधान के लिए आपसी संवाद के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं हो सकता। उक्त घटना की जानकारी समाज को लगते ही जिलाध्यक्ष राजेश भास्कर ने आमाबेड़ा जाकर समाज के गायता, पुजारी मांझी सामाजिक पदाधिकारियों से शांति व्यवस्था बनाए रखने समझाईश दी है। समाज द्वारा जारी बयान में कहा गया है आदिवासियों के रूढ़ी परम्परा, सांस्कृतिक पेन व्यवस्था, सामाजिक रीति रिवाज छोड़कर जो भी परिवार प्रलोभन आडंबर के चलते अन्य प्रथा या संप्रदाय में गए हैं उनसे आग्रह है कि वे बहकावे में नहीं आकर समाज के मुख्य धारा से जुड़कर समाज को समृद्ध बनाएं। समाज के गायता पुजारी, मांझी, सामाजिक पदाधिकारियों के प्रयास से आदिवासी गोंड समाज के कुछ लोग मुख्य धारा में जुड़कर सामाजिक व्यवस्था में आए हैं उनका समाज स्वागत करता है। समाज यह भी अपील करता है कि समाज एक जुट रहे। किसी संगठन संप्रदाय के बहकावे में नहीं आए। यीशु मसीह धर्म प्रचारक संगठन आदिवासी सांस्कृति को खंडित करने का प्रयास कर रहे हैं जो निंदनीय है। हिन्दू धर्म संगठनों से जो भी राजनीतिक दल के लोग आदिवासी को भडकाने तथा आपस में लड़ाने का काम करेगा तो समाज उसका विरोध करेगा। कुछ दिनों पहले आदिवासी नेता जीवन ठाकुर की जेल अभिरक्षा में मृत्यु होने पर कोई भी संगठन या राजनीतिक दल सामने नहीं आया। जबकि आदिवासियों की मूल भावना को ठेस पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

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