भास्कर न्यूज | महासमुंद जिले के सेवा सहकारी समिति सलडीह में धान बेचने के लिए किसान को टोकने के नाम से समिति प्रभारी के द्वारा 20 हजार रुपए रिश्वत मांगने की आरोप लगाकर किसान ने कलेक्टर से शिकायत कि है । इधर विष्णुदेव सरकार सजग प्रहरी के रूप में किसानों की सरकार मानी जाती है । किसानों की दाने दाने को खरीदने के लिए विष्णुदेव सरकार प्रतिबद्ध है । उसके बावजूद एक आदिवासी किसान को टोकन के नाम से प्रताड़ित किया जा रहा है। पिथौरा तहसील अंतर्गत ग्राम शंकरपुर में स्थित भूमि खसरा नम्बर 464 रकबा 1.61 हे. भूमि सुभाष , लाला, चंद्रहास एवं सुष्मिता के नाम पर भूमि स्वामी हक में दर्ज है । जिनका किसान किताब भी उनके पास मौजुद है । उक्त भूमि शासन से भूमि स्वामी हक में पट्टे पर कमाने-खाने हेतु प्राप्त भूमि है। उपरोक्त भूमि के धान विक्रय पंजीयन सुभाष के नाम से धान खरीदी केंद्र सलडीह में पंजीयन हुआ है, जिसका पंजीयन न. एफ सी 5800470100534 है । जिसमें सुभाष के पुत्र कमल सिदार धान विक्रय करना चाहता है। धान विक्रय टोकन कटाने के लिए कमल सिदार कई बार धान खरीदी केंद्र सलडीह का चक्कर काट चुका है किन्तु समिति प्रभारी गजानंद पटेल के द्वारा उक्त भूमि को विवादित भूमि है कहकर धान का टोकन काटने से मना किया जा रहा है और 20 हजार रुपये देने पर ही टोकन काटने की बात कही जा रही है।


