भास्कर न्यूज| जांजगीर उपभोक्ता के इलाज में लगे खर्च को देने से आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी ने इनकार कर दिया। अब उसे इलाज की राशि 46 हजार 826 रुपए और मानसिक कष्ट के लिए 5 हजार रुपए व वाद व्यय तीन हजार रुपए सहित देना होगा। कोसमंदा निवासी रूपलता राठौर व उनके पति का आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में चार-चार लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा था। बीमा अवधि के दौरान 22 सितंबर 23 को वाहन से गिर जाने के कारण उनका पैर टूट गया। उपभोक्ता ने इलाज में लगे खर्च की मांग हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से की। कंपनी ने बीमा शर्त के उल्लंघन, बीमारी के संबंध में दस्तावेज जमा नहीं करने व पूर्व बीमारी के संबंध में भी दस्तावेज नहीं देने की बात कहते हुए क्लेम को खारिज कर दिया। इस पर उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर के समक्ष परिवाद पेश किया। आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुंडू, सदस्य विशाल तिवारी, सदस्य महिमा सिंह ने पाया कि बीमा पॉलिसी की शर्तों का पालन किया गया है। इलाज से संबंधित सभी दस्तावेज बीमा कंपनी में जमा कर दिए हैं, जो कि बीमा कंपनी द्वारा भेजे गए मेल से स्पष्ट होता है। बीमा अवधि में कराए गए इलाज में आए खर्च को न देकर बीमा कंपनी ने सेवा में कमी की है। जिला आयोग ने आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को उपभोक्ता के इलाज में आए खर्च की राशि 46825 और मानसिक संताप का 5000 व वाद का खर्च 3000 रुपए 45 दिनों के भीतर देने का आदेश दिया है। नियत अवधि में राशि नहीं देने पर आदेश दिनांक से भुगतान दिनांक तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी आदेश दिया गया।


