झाबुआ जिले में सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना के तहत खरीदी प्रक्रिया 30 दिसंबर से 1 जनवरी तक बंद रहेगी। यह निर्णय पोर्टल के रखरखाव कार्य के कारण लिया गया है। मंडी प्रशासन ने किसानों को इन तीन दिनों में अपनी उपज मंडी न लाने की सलाह दी है। हालांकि, अन्य मंडी कार्य यथावत जारी रहेंगे। कृषि विभाग के उपसंचालक नगीनलाल रावत ने बताया कि 24 अक्टूबर 2025 से शुरू हुई इस योजना में 26 दिसंबर 2025 तक जिले के हजारों किसानों ने 48 हजार क्विंटल से अधिक सोयाबीन बेचा है। योजना के तहत 26 दिसंबर तक जिले की 9 प्रमुख मंडियों में कुल 3,015 किसानों ने अपनी फसल बेची है। इस अवधि में कुल 48,543.49 क्विंटल सोयाबीन का विक्रय दर्ज किया गया है। कहां कितना सोयाबीन बिका मंडीवार आंकड़ों के अनुसार, बामनिया मंडी खरीदी में सबसे आगे रही है, जहां 1,129 किसानों ने 18,370.90 क्विंटल से अधिक सोयाबीन बेचा है। पेटलावद मंडी में भी 817 किसानों ने 13,072.40 क्विंटल से अधिक की आवक दर्ज की। सारंगी मंडी में 480 किसानों ने 8,231.55 क्विंटल और थांदला मंडी में 277 किसानों ने 4,650.48 क्विंटल सोयाबीन बेचा है। झाबुआ मंडी में 196 किसानों ने 2,533.84 क्विंटल, मेघनगर में 84 किसानों ने 1,259.89 क्विंटल और रानापुर में 23 किसानों ने 299.98 क्विंटल सोयाबीन बेचा है। खवासा मंडी में 9 किसानों ने 124.45 क्विंटल सोयाबीन का विक्रय किया। करवड़ मंडी में इस अवधि के दौरान कोई विक्रय दर्ज नहीं किया गया है।


