नीमच जिला चिकित्सालय मार्ग स्थित हाट मैदान के समीप मजदूर चौराहे पर प्रतिदिन जुटने वाले सैकड़ों मजदूरों ने रोजगार संकट और श्रमिक पंजीकरण की मांग को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के बाद मजदूरों ने कलेक्टर के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार मृनाली तोमर को एक ज्ञापन सौंपा। मजदूरों ने ज्ञापन में बताया कि वे हर सुबह 7 बजे रोजगार की तलाश में चौराहे पर एकत्रित होते हैं, लेकिन उन्हें महीने में मुश्किल से सात से दस दिन ही मजदूरी मिल पाती है। उन्होंने शासन की योजनाओं और भवन निर्माण कार्यों में श्रमिक पंजीकरण के माध्यम से स्थायी रोजगार दिलाने की सामूहिक मांग की। मजदूरों का आरोप है कि आधार कार्ड होने के बावजूद उन्हें न तो मजदूर डायरी का लाभ मिल रहा है और न ही महात्मा गांधी नरेगा योजना से जोड़ा जा रहा है। ज्ञापन में मजदूरों ने सुरक्षा संबंधी एक मुद्दा भी उठाया। उन्होंने प्रशासन को बताया कि मजदूर चौक पर अक्सर कुछ फरार अपराधी और असामाजिक तत्व आकर खड़े हो जाते हैं। इससे वहां काम मांगने आने वाले ईमानदार मजदूरों की छवि खराब होती है और लोग उन्हें काम देने से कतराते हैं। श्रमिकों ने मांग की है कि जिला प्रशासन और पुलिस समय-समय पर वहां आधार कार्ड का परीक्षण करें और मजदूरों के चरित्र की जांच कर सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उनका उद्देश्य है कि भविष्य में कोई अपराधी वहां पनाह न ले सके। इस दौरान सूरज देवनारायण मीणा, चेतन यादव, भेरूलाल, मानसिंह, मुकेश मेघवाल, अंजू बाई, ममता बाई सहित बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद थे। प्रदर्शन से पूर्व मजदूरों ने श्रमिक संगठन प्रतिनिधि किशोर जवेरिया को भी अपनी समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर उन्होंने बुधवार दोपहर 1 बजे सभी को आधार कार्ड लेकर कार्यालय बुलाया है। इस अवसर पर सभी मजदूरों ने शहर के स्वच्छता अभियान में पूर्ण सहयोग देने का संकल्प भी लिया।


