बलौदाबाजार जिले में महानदी के चिखली रेत घाट पर अवैध खनन का मामला सामने आया है। खनिज विभाग की टीम ने हाल ही में घाट पर छापा मारा, लेकिन अधिकारियों के पहुंचने से ठीक पहले अवैध खनन में लगी चेन माउंटेन मशीनें गायब हो गईं। टीम के लौटते ही मशीनें फिर से घाट पर दिखाई दीं और खनन कार्य दोबारा शुरू हो गया। जानकारी के अनुसार, खनिज विभाग की टीम ने चिखली रेत घाट पर अवैध खनन की सूचना पर कार्रवाई की। अधिकारियों के वाहन जैसे ही घाट की ओर बढ़े, मौके पर मौजूद भारी चेन माउंटेन मशीनें और उनके ऑपरेटर तुरंत वहां से हट गए। टीम को घाट पर कोई मशीन या खनन गतिविधि नहीं मिली। हालांकि, छापे के दौरान रास्ते में बिना रॉयल्टी पर्ची के रेत ले जा रहे 12 हाईवा ट्रकों को जब्त किया गया। इन ट्रकों को गिधपुरी थाना ले जाया गया। अधिकारियों की यह कार्रवाई केवल अवैध रेत परिवहन तक सीमित रही, जबकि बड़े पैमाने पर खनन करने वाली मशीनें और उनके मालिक पकड़ से बाहर रहे। स्थानीय आक्रोश और विधायक ने की कार्रवाई मांग कसडोल विधायक संदीप साहू और स्थानीय लोगों का आरोप है कि चिखली घाट से रोजाना 300 से अधिक हाईवा अवैध रेत ढोकर ले जाते हैं, जिससे राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। रात-दिन हो रहे गहन अवैध खनन, गीली रेत के परिवहन से सड़कों की दुर्दशा और पर्यावरणीय क्षति की शिकायतें आम हैं। विधायक ने घाट पर एक स्थायी जांच चौकी स्थापित करने और ठोस कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में उपसंचालक खनिज राजेश मालवे ने बताया कि टीम कार्रवाई के लिए गई थी, लेकिन घाट पर मशीनें नहीं मिलीं। मामले में जांच पड़ताल की जा रही है।


