प्रदेश में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविर के दौरान आमजन की सेहत की जांच कर प्रारंभिक अवस्था में ही बीमारी की पहचान कर इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा गंभीर स्थिति में बड़े अस्पताल में भी रेफर किया जा रहा है। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर अब तक 45,189 मरीजों को कैंसर, टीबी के संक्रमण समेत डायबिटीज, आंख, नाक, कान व गला और दांतों से संबंधित बीमारी की जांच की गई और इनका बड़े सरकारी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी पद्धति के जरिए 1 लाख 59 हजार मरीजों ने फायदा उठाया। जांच के बाद 4 हजार मरीजों को चश्में भी वितरित किए हैं। साथ ही इन शिविरों में 37,463 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच और 13,038 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया। “मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविर के जरिए लाखों लोगों के स्वास्थ्य की जांच और उपचार किया जा रहा है। मानकों को और बेहतर करने का रोडमैप भी तैयार किया जा सकेगा। प्रदेश में संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों में नीतिगत सुधार किया जा सकेगा।”
-गायत्री राठौड़, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य


