विदिशा के सागर रोड बाईपास स्थित न्यू शिवानंद कॉलोनी के रहवासी मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जनसुनवाई में मूलभूत सुविधाओं की मांग करते हुए कॉलोनाइजर के खिलाफ कार्रवाई की अपील की। रहवासियों का आरोप है कि कॉलोनाइजर ने झूठे वादे कर प्लॉट बेचे, लेकिन बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराईं। कॉलोनीवासियों ने बताया कि प्लॉट खरीदते समय उन्हें सड़क, बिजली, स्ट्रीट लाइट और पेयजल जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं देने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, हकीकत यह है कि कॉलोनी में आज तक न तो पक्की सड़कें बनी हैं, न स्ट्रीट लाइट लगी हैं और न ही स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था है। रहवासी राधेश्याम अहिरवार ने इन समस्याओं की पुष्टि की। रहवासियों ने नगर पालिका और जिला प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वे कई बार शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन न तो सुविधाएं मिलीं और न ही कॉलोनाइजर के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई। इससे पहले सिविल लाइन थाने और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवगत कराया गया था, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले। शहर में अवैध कॉलोनियों का जाल लगातार फैल रहा है, जहां नियमों को दरकिनार कर खेतों में प्लॉट काटे जा रहे हैं। भोले-भाले लोग अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर सस्ते प्लॉट खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में मूलभूत सुविधाएं न मिलने पर उनका घर बनाने का सपना टूट जाता है। रहवासियों का आरोप है कि नगर पालिका की मिलीभगत या लापरवाही के बिना ऐसी स्थिति संभव नहीं है। रहवासियों ने मांग की है कि कॉलोनाइजर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया जाए और नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो। इस संबंध में नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि कॉलोनियों की जांच की जा रही है और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।


