राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली व गुजरात सहित कई राज्यों में रंगदारी के लिए व्यापारियों की हत्या और फायरिंग की वारदातों को अंजाम देने वाली लॉरेंस गैंग के लिए डब्बा कॉलिंग की व्यवस्था करने वाली सुधा कंवर इटली में पकड़ी गई। रंगदारी के लिए गैंगस्टर्स टारगेट को सीधा कॉल नहीं करते हैं। रंगदारी के लिए वह पहले सुधा के पास कॉल करते थे। इसके बाद सुधा दूसरे मोबाइल से टारगेट को कॉल लगाती थी। दोनों तरफ के मोबाइल काे लाउड स्पीकर पर लेकर बात कराती थी। उसके बाद ही गैंगस्टर खुद का परिचय देकर रंगदारी मांगते थे। डब्बा कॉलिंग इसलिए करते थे कि पुलिस कॉल ट्रेस नहीं कर पाए। ठेहट हत्याकांड में हथियार सप्लाई किए थे, जेल भी गई थी… जमानत मिलते ही दुबई भागी सुधा बीकानेर के बीछवाल की रहने वाली है। शादी नागौर के मेड़ता सिटी में हुई थी। जहां उसका संपर्क लॉरेंस गैंग के अमरजीत से हुआ तो पति से तलाक ले लिया और अमरजीत से शादी कर ली। अमरजीत ही ठेहट हत्याकांड का मास्टरमाइंड था, जो हत्याकांड से पहले दुबई भाग गया था। यहां से भागने के बाद उसने हत्याकांड के लिए हथियार सुधा के पास ही भिजवाए थे। सुधा ने 4-5 दिन हथियार खुद के पास रखे और बाद में अमरजीत के कहने पर सीकर आने वाली बस में रख दिए। उन्हीं हथियारों से ठेहट हत्याकांड को अंजाम दिया गया। एडीजी क्राइम दिनेश एमएन ने बताया कि 5 फरवरी 2023 को सुधा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन अक्टूबर माह में जमानत मिलते ही वह दुबई में बैठे एजेंट हरजिंदर सिंह के सहयोग से दुबई पहुंच गई। रंगदारी के एक दर्जन मामलों में सुधा की भूमिका सामने आई…
वहां से कुछ समय बाद ही अमरजीत इटली चला गया। जहां पर गैंग के लिए काम कर रहा था। तब तक राजस्थान पुलिस ने इंटरपोल के जरिए संपर्क किया तो वह पिछले साल इटली में पकड़ा गया। इस दौरान सुधा भी इटली पहुंच गई थी। अमरजीत के पकड़े जाने के बाद गैंगस्टर्स के लिए डब्बा कॉलिंग का काम सुधा संभालने लग गई। रंगधारी के करीब एक दर्जन मामलों में सुधा की भूमिका सामने आई। इधर, सुधा के फरार होने के बाद कोर्ट ने वारंट जारी कर दिया। ऐसे में गैंगस्टर्स के खिलाफ काम कर रही एजी टीएफ ने केन्द्रीय एजेंसियों से संपर्क कर सुधा का रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवा दिया। इंटरपोल की सूचना पर इटली पुलिस ने सुधा को पकड़ लिया। उसके बाद यहां से जरूरी दस्तावेज मांगे गए।


