गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर मंगलवार को दूसरे दिन भी कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। “मोदी की गारंटी” पूरी करने सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी ज्योतिपुर पेंड्रा रोड में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस हड़ताल के कारण जिले के सभी सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में कामकाज ठप रहा। राज्य सरकार ने हड़ताल के दूसरे दिन भी कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन से बातचीत की कोई पहल नहीं की है। फेडरेशन ने घोषणा की है कि यदि बातचीत नहीं होती है तो पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 31 दिसंबर को तीसरे दिन भी हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारी नेताओं ने महंगाई भत्ते (डीए) के अनियमित भुगतान पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 से अनियमित डीए मिलने के कारण राज्य के सभी कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनभोगियों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। फेडरेशन ने मांग की है कि भाजपा सरकार “मोदी की गारंटी” के तहत डीए की बकाया एरियर्स राशि को जीपीएफ खाते में समायोजित करे और केंद्र सरकार के समान देय तिथि से डीए का भुगतान शुरू करे। डीए भुगतान नीति पर उठाए सवाल कर्मचारियों ने सरकार की उस नीति की आलोचना की, जिसके तहत देय तिथि से डीए नहीं दिया जाता। उदाहरण के तौर पर, जुलाई माह में देय डीए को आठ महीने रोककर मार्च में होली पर दिया जाता है और जनवरी माह के डीए को नौ महीने रोककर अक्टूबर में दिवाली पर दिया जाता है। आईएएस अधिकारियों का डीए बकाया नहीं उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) संवर्ग के अधिकारियों का डीए का एक भी रुपया बकाया नहीं है, जबकि अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों का लाखों रुपए का डीए एरियर्स लंबित है।


