शिवपुरी जिले की करैरा विधानसभा क्षेत्र से दतिया पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के समक्ष मंगलवार दोपहर शिवपुरी कांग्रेस जिलाध्यक्ष के खिलाफ खुलकर विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस कार्यालय परिसर में कार्यकर्ताओं ने तख्तियां लहराते हुए शिवपुरी बचाओ के नारे लगाए और जिलाध्यक्ष को तत्काल पद से हटाने की मांग की। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जिलाध्यक्ष न केवल निष्क्रिय हैं, बल्कि वे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय जनता पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिलाध्यक्ष की नियुक्ति के समय से ही संगठन में असंतोष है। नियुक्ति से पहले ही उनके विरोध की शुरुआत हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पद सौंप दिया गया। बोले- उनका परिवार भाजपा से जुड़ा
कार्यकर्ताओं ने पार्षद मोनिका सिंटू सड़ैया के पुराने पत्र दिखाकर आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष का पूरा परिवार भाजपा से जुड़ा है और वे पारिवारिक हितों के चलते कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ताओं को लगातार हाशिये पर डाल रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिलाध्यक्ष ने अपनी भाभी के समर्थन में कांग्रेस नेताओं का खुला विरोध किया और इसके बाद पार्टी के पुराने व निष्ठावान कार्यकर्ताओं को किनारे कर भाजपा पृष्ठभूमि वाले लोगों को आगे बढ़ाने का काम किया। आरोप है कि महज तीन माह के कार्यकाल में संगठन को मजबूत करने के बजाय अंदरूनी षड्यंत्र रचे गए। पूर्व विधायक प्रागीलाल जाटव को अपने प्रभाव में लेकर संगठनात्मक फैसलों में मनमानी की गई और जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि शिवपुरी भाजपा जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव से कांग्रेस जिलाध्यक्ष के करीबी संबंध हैं, जिसके प्रमाण उनके पास मौजूद हैं। उनका दावा है कि वर्तमान स्थिति यह है कि भाजपा का जिलाध्यक्ष पूरे जिले में कांग्रेस की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है। इससे पार्टी की साख और चुनावी संभावनाओं को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। ब्लॉक अध्यक्षों के भी भाजपाइयों से संबंध
करैरा विधानसभा क्षेत्र में नियुक्त किए गए छह ब्लॉक अध्यक्षों को लेकर भी सवाल खड़े किए गए। कार्यकर्ताओं के अनुसार इनमें से पांच ब्लॉक अध्यक्ष ऐसे हैं, जिनके भाजपा से सीधे संबंध हैं। आरोप है कि ये लोग भाजपा के बैनर तले कार्यक्रमों में सक्रिय रहते हैं, भाजपा कार्यकर्ताओं को चाय-नाश्ता कराते हैं और कांग्रेस संगठन को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। इन सभी आरोपों के समर्थन में दस्तावेजी प्रमाण होने का दावा भी किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई नहीं होने पर सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी भी दी है।


