विदिशा के लटेरी स्थित शासकीय अस्पताल में मंगलवार को डिलीवरी के दौरान 25 वर्षीय महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों और बंजारा समाज के लोगों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने डिलीवरी के लिए 10 हजार रुपये की मांग की थी और डॉक्टर समय पर मौजूद नहीं थे। नर्स पर रिश्वत लेने का आरोप
मृतक महिला की पहचान 25 वर्षीय उमाबाई बंजारा के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, आज सुबह उमाबाई को डिलीवरी के लिए लटेरी अस्पताल लाया गया था। उनका आरोप है कि उस समय अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं थे और नर्स ने डिलीवरी कराने के लिए पैसों की मांग की। रुपये देने के बाद ही प्रक्रिया शुरू की गई। डिलीवरी के दौरान उमाबाई की हालत बिगड़ने लगी और वह बेहोश हो गईं। परिजनों का कहना है कि डॉक्टर को फोन करने पर वे करीब एक घंटे बाद अस्पताल पहुंचे। इसके बाद महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उमाबाई को मृत घोषित कर दिया। पुलिसकर्मी पर मारपीट के आरोप
महिला की मौत के बाद आक्रोशित परिजन वापस लटेरी अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां पुलिसकर्मियों और परिजनों के बीच बहस हो गई। परिजनों ने डॉक्टर और एक पुलिसकर्मी पर मारपीट के आरोप भी लगाए हैं। नेशनल हाईवे पर लगाया जाम
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लटेरी एसडीएम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। हालांकि, परिजन आरोपी डॉक्टर और संबंधित पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। बंजारा समाज के लोगों ने अस्पताल और थाने के बाहर प्रदर्शन किया। शाम को प्रदर्शनकारियों ने लटेरी के नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि शासकीय अस्पताल में मरीजों के साथ ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।


