जैसलमेर में कुरजा पक्षियों के मरने का सिलसिला लगातार जारी है। मोहनगढ़ इलाके के बांकलसर गांव के एक खेत में शुक्रवार सुबह 14 कुरजा मृत मिली। खेत मालिक के अनुसार शुक्रवार सुबह कुरजा पक्षियों का एक झुंड उड़ता गया उसी दौरान उड़ते हुए कुरजा पक्षी खेत में गिरने लगी। कुल 14 पक्षी खेत में गिरते ही मर गई। खेत मालिक ने तुरंत वन विभाग को इसकी जानकारी दी। जानकारी मिलने पर सहायक वनपाल सुरेश ढाका ने पशुपालन टीम को जानकारी दी। इलाके में कुरजा पक्षियों के 14 शव मिलने से सनसनी फैल गई है। फिलहाल टीम मौके पर है और पड़ताल कर रही है। गौरतलब है कि जैसलमेर जिले में इन दिनों कुरजा पक्षियों में बर्ड फ्लू का कहर फैला हुआ है। भोपाल से आई रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद वन विभाग व पशुपालन विभाग की टीम अलर्ट होकर काम कर रही है। जिले में अब तक 14 पक्षियों के शव मिले थे लेकिन शुक्रवार को एक साथ 14 कुरजा पक्षियों के शव मिलने से मृत पक्षियों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है। वहीं लोगों में इस बीमारी को लेकर दहशत फैल गई है। अब तक 28 पक्षियों की बर्ड फ्लू से हुई मौत पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक उमेश व्रगतिवार ने बताया कि जिले के देगराय ओरण इलाके में पहले 8 और अब 5 कुल 14 कुरजा पक्षी मृत मिले हैं। यहां 11 जनवरी को 6, 12 जनवरी को दो कुरजा के शव मिले। इसके बाद 13 को दो 15 को तीन और 16 को एक कुरजा का शव मिले। वहीं शुक्रवार, 17 जनवरी को एक साथ 14 शव मिले है। मृत पक्षियों के शवों को बाकायदा मास्क, ग्लव्ज आदि लगाकर दफनाया गया है और उसके बाद फिनाइल आदि का छिड़काव किया गया है ताकि ये संक्रमण और किसी में नहीं फैले। वहीं मोहनगढ़ इलाके में शुक्रवार को मृत मिले 14 कुरजा पक्षियों के शवों की पड़ताल की जा रही है। डेमोइसेल क्रेन के शवों में H5N1 एवियन फ्लू की पुष्टि गौरतलब है कि पिछले दिनों से मिल रहे प्रवासी पक्षियों की मौत का कारण बर्ड फ्लू है। भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान (निषाद) की रिपोर्ट में लुनेरी तालाब में डेमोइसेल क्रेन के शवों में H5N1 एवियन फ्लू की पुष्टि की है। इसके बाद क्यूआरटी के साथ ही पशु अस्पताल, चिकित्सा विभाग, वन विभाग व राजस्व विभाग के फील्ड के अधिकारियों को पूरी तरह से चौकस कर दिया गया है। दरअसल, सबसे पहले दिसंबर में फलोदी के पास स्थित खीचन में प्रवासी पक्षियों की मौत हुई थी। जिसके बाद अब जैसलमेर में भी बर्ड फ्लू के कारण प्रवासी पक्षियों की मौत का सिलसिला शुरू हो गया है। अब तक 28 कुरजा पक्षी अपनी जान गंवा चुके हैं। निमोनिया और कोरोना जैसे लक्षण पशुपालन विभाग के डॉ उमेश ने बताया कि ये बीमारी सर्दी में ही पक्षियों में फैलती है। ज्यादा ठंड में पक्षियों की सांस नली व फेफड़ों में इन्फेक्शन होता है। जिसको बर्ड फ्लू (इन्फ्लुएंजा) कहा जाता है। ऐसे में निमोनिया या कोरोना के जैसे ही लक्षण होते हैं। इलाज नहीं मिलने पर पक्षी की मौत हो जाती है। ये एक संक्रमण है जो एक से दूसरे में जल्दी से फैलता है। पशुओं आदि में भी ये संक्रमण फैल सकता है जिससे उसकी जान जा सकती है। ऐसे में बचाव करना ही इलाज है। और अगर किसी को हो जाए तो उसको प्रॉपर इलाज करवा कर मुक्त किया जा सकता है। ऐसे मिले कुरजा पक्षियों के शव मृत पक्षी का शव मिले तो उसे हाथ नहीं लगाएं:बर्ड फ्लू इंसानों में भी फैलने का खतरा, अब तक 14 पक्षियों की मौत जैसलमेर में 4 और कुरजा मृत मिली:लखमना तालाब पर मिली मृत, अब तक 14 कुरजा की बर्ड फ्लू से अब तक हुई मौत राजस्थान में कुरजां पक्षियों में मिला बर्ड फ्लू संक्रमण:भोपाल से आई जांच रिपोर्ट में खुलासा; जैसलमेर में मृत मिले थे 8 प्रवासी पक्षी जैसलमेर में 7 कुरजां पक्षियों की मौत:बर्ड फ्लू की आशंका से अलर्ट हुआ वन विभाग, भोपाल लैब से रिपोर्ट का इंतजार


