भास्कर ने की 200 किमी. वनक्षेत्र की पड़ताल:58.6 करोड़ खर्च कर 355 हेक्टेयर में 5.2 लाख पौधे रोपे, 2% भी नहीं दिखे

रांची में वृक्षारोपण अभियान में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। रांची वन प्रमंडल ने वर्ष 2021-22 से 2024-25 के बीच राजधानी और आसपास के क्षेत्र में 4235.45 हेक्टेयर में 29.18 लाख पौधे लगाए थे। दैनिक भास्कर ने रांची के पांच प्रखंडों कांके, बुढ़मू, खलारी, बेड़ो और अनगड़ा में चार योजनाओं की 200 किमी वनक्षेत्र की पड़ताल की। पता चला कि 355.16 हेक्टेयर जमीन पर कुल 5,22,557 पौधे लगाए गए थे। लेकिन इनमें दो प्रतिशत पौधे भी जमीन पर नहीं दिख रहे हैं। जबकि कागज पर 90% पौधे जीवित बताए गए हैं। इन इलाकों पर पौधरोपण से लेकर निराई-पटवन आदि पर 58.61 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। हर पौधे पर रोपाई से लेकर तीन साल तक देखरेख के लिए 226 रुपए खर्च करने की योजना है। इसकी देखभाल के लिए गार्ड की भी नियुक्ति की गई थी। इस पर जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। वहीं वन सुरक्षा समिति के अध्यक्षों ने कहा कि पौधे लगाए जाने के बाद देखभाल ही नहीं की गई। गौरतलब ​है कि वर्ष 2021-22 में रांची वन प्रमंडल में 1088.50 हेक्टेयर, 2022-23 में 1365.95, 2023-24 में 996 और 2024-25 में कुल 785 हेक्टेयर भूमि पर कुल 29,18,312 पौधे लगाए गए थे। ये पौधे वन क्षेत्र के साथ ही सड़क और नदी के किनारे भी लगाए गए थे। ऑडिट सिस्टम फेल, निरीक्षण रिपोर्ट पर सवाल बरसात में हर साल पौधरोपण होता है। पौधे लगे तो जीवित हैं या नहीं, इसकी जांच का भी प्रावधान है। इसके बाद हर साल अक्टूबर में उत्तरजीविता रिपोर्ट दी जाती है। जांच तीन चरणों में होती है। योजना का 10% डीएफओ, 5% सीएफ और 2% आरसीसीएफ को जांच करनी है। लेकिन जमीनी हकीकत बता रही है कि जांच में लीपापोती की गई। ऑडिट सिस्टम भी पूरी तरह फेल रहा। तन सुरक्षा समिति के अध्यक्षों ने बताया सच गांव के लोगों को ही जिम्मेवारी दे देते वृक्षरोपण के बाद पयर्याप्त देखभाल नहीं हुई। गैन वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि समिति को झाड़ों काटने की मशीन दे दो गांव वाले ही देखभाल करेंगे, पर ध्यान नहीं दिया। -अमरेश मुंडा एक बार पौधे लगाने के बाद न समय पर खाद दी जाती है और न ही निराई होती है। ऐसे में पौधे कहां से बचेंगे। विभागीय अधिकारी सिर्फ मुझसे पेपर पर सहन कराने आते हैं। – साधु मुंडा, अध्यक्ष बन सुरक्षा समिति, करक‌ट्टा क्या कहते हैं अधिकारी…. पौझोपण में गड़‌बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूरे मामले की जांच होगी। दोषी पर कड़ी कार्रवाई होगी। -संजीव कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, झारखंड

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *