पाली को संभाग यथावत बनाने की मांग को लेकर कोर्ट परिसर के बाहर चल रहा धरना 17 दिन बाद शुक्रवार को भी जारी रहा। पाली संभाग बचाओ आंदोलन संघर्ष समिति के तत्वावधान में चल रहे इस धरने का समर्थन करने गुरुवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता पहुंचे थे। जिन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पाली से संभाग का दर्जा छीनकर पालीवासियों के साथ कुठाराघात करने का काम किया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीज दर्द ने कहा कि भाजपा सरकार नहीं चाहती की पाली का विकास हो इसलिए संभाग का दर्जा छीन रहे है। कांग्रेस नेता महावीरसिंह सुकरलाई ने कहा कि कांग्रेस सरकार के राज में पाली और प्रदेश को जो सौगातें दी थी उसे भाजपा हजम नहीं कर पा रही है। लगता है कि उन्हें कांग्रेस की योजनाओं और विकास कार्यों से चीढ़ है इसलिए ऐसा कर रहे है। लेकिन जनता सब जानती है। चुनाव में इसका जवाब देगी।
इस दौधर धरने पर समिति के अध्यक्ष एडवोकेट मेगराज सोनी लवेरा, कांग्रेस नेता मेहबूब टी, प्रकाश सांखला, आमीन अली रंगरेज, गोविंद बंजारा, मांगूसिंह दूदावत, शकील नागौरी, एडवोकेट भागीरथसिंह राजपुरोहित, विक्रम चंदानी, सुनील रामावत, खुडाला फालना के पार्षद प्रत्याशी एडवोकेट उषा चौहान, समाजसेवी मूलचनद संकलेचा,प्रकाश पटेल,अग्निमित्र चौहान, सदाम काजी, पूर्व सरपंच खीमाराम पटेल, जयपुर से सोनी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष G.L सोनी सहित कई जने मौजूद रहे। 29 जनवरी के पाली बन्द को समर्थन किया।


