भास्कर न्यूज | तोकापाल ब्लॉक मुख्यालय से सटे ग्राम पंचायत तोकापाल में नल-जल योजना बीते चार दिनों से पूरी तरह ठप है। पेयजल आपूर्ति बंद होने से गांव में हाहाकार मच गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि ग्रामीणों की रोजमर्रा के जीवन अस्त-व्यस्त हो गए हैं। महिलाओं, कर्मचारियों और स्कूली बच्चों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। नल सूखने के बाद मजबूरी में ग्रामीण नदी, नाले और तालाबों के दूषित पानी का उपयोग कर रहे हैं। यह पानी पीने योग्य नहीं होने के बावजूद लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों में पीलिया, मलेरिया, निमोनिया, बुखार जैसी बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है। यदि जल्द पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो गांव में महामारी जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। पानी की कमी का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। महिलाएं बाल्टी और डब्बे लेकर पानी की तलाश में निकल रही हैं। मोटर जलने से समस्या टैकर नहीं लगाया :लख्मी सरपंच लख्मी कश्यप ने बताया कि नल-जल योजना की मोटर जल गई है, जिसे मरम्मत के लिए भेजा गया है। मोटर जल्द ठीक हो जाएगी, इसलिए टैंकर की जरूरत नहीं समझी गई। गांव के बच्चों की सेहत पर मंडरा रहा खतरा पानी की किल्लत के चलते बच्चे नदी, नालों और तालाबों में नहाने और वहीं का पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो बच्चों को गंभीर बीमारियां घेर सकती हैं। नाराज ग्रामीण घेरेंगे सीईओ व एसडीएम दफ्तर गांव की महिलाओं और बुजुर्गों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे खाली बर्तन लेकर जपं सीईओ कार्यालय पहुंचेंगे


