भास्कर न्यूज | जांजगीर जनगणना 2027 को पूरी तरह डिजिटल और अधिक सटीक बनाने प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। गांव-शहरों की भौगोलिक सीमा और लोकेशन को गूगल अर्थ प्रो के जरिए दुरुस्त किया जाएगा, ताकि जनगणना के दौरान कोई भी बसाहट क्षेत्र छूट न जाए और किसी भी क्षेत्र का दूसरे क्षेत्र में ओवरलैप न हो। इसे लेकर सोमवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में प्रशिक्षण दिया गया। इसमें सभी तहसीलदार और कर्मचारी शामिल हुए। जनगणना 2027 दो चरण में और पूरी तरह डिजिटल कराई जानी है। जनगणना 2027 से पहले किए गए परीक्षण अभ्यास के दौरान महासमुंद जिले की महासमुंद तहसील, कबीरधाम जिले की कुकदूर तहसील और रायपुर नगर निगम के वार्ड-52 में कई गंभीर खामियां सामने आईं। परीक्षण में पाया गया कि गांवों और शहरों की वास्तविक स्थिति और सत्यापित मानचित्रों में अंतर है। गूगल अर्थ प्रो पर दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण इस तकनीकी कार्य को पूरा करने जिला स्तर पर गूगल अर्थ-प्रो के उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण जनगणना निदेशालय के जिला नोडल अधिकारी दे रहे हैं। प्रशिक्षण में प्रत्येक तहसील से तहसीलदार और तकनीकी रूप से दक्ष सहायक कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार इस पहल से कई दिक्कते दूर हो जाएंगी।


