मगरमच्छ गांव के रक्षक देवता ग्रामीण करते हैं इनकी सुरक्षा

भास्कर न्यूज | जांजगीर राज्य का पहला और देश का दूसरा सबसे बड़ा मगरमच्छ संरक्षण पार्क है कोटमीसोनार क्रोकोडाइल पार्क, जो जिले के अकलतरा तहसील में है। पार्क जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी की दूरी पर है। यहां हर साल लगभग 60 हजार पर्यटक पहुंचते हैं। इस साल की शुरुआत में जनवरी के 18 दिनों के अंतराल में ही 12600 से अधिक पर्यटक पहुंचे थे। पार्क की स्थापना 2006 में हुई थी। गांव के लोग मगरमच्छों के साथ गहरा सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव महसूस करते हैं। यह मान्यता प्राचीन काल से चली आ रही है कि मगरमच्छ इस गांव के रक्षक देवता हैं। गांव वाले इन्हें सम्मान देते हैं और उनकी सुरक्षा करते हैं। उनका मानना है कि मगरमच्छों की उपस्थिति गांव में शांति और समृद्धि लाती है। इस पार्क में करीब 400 मगरमच्छ हैं, जो कई प्रजातियों के हैं। यहां मगरमच्छों का प्राकृतिक संरक्षण किया जाता है। यह पार्क पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

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