भास्कर संवाददाता | गुना शहर में बाढ़ के खतरे और बढ़ते अतिक्रमण के मुद्दों को लेकर सामाजिक व नागरिक संगठनों ने मंगलवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। गुनिया बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने शहर की नदियों-तालाबों की सफाई, अवैध निर्माण हटाने और किनारों को ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित करने की मांग उठाई। वहीं सवर्ण आर्मी ने सरकारी जमीन पर चल रहे कथित भूमाफिया कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरना दिया और ज्ञापन सौंपा। गुनिया बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि गुनिया, पनरिया, ओडिया नदियां और भुजारिया, सिंगवासा, गोपालपुरा, रानी तलैया व हिलगना तालाब में प्रदूषण और अतिक्रमण बढ़ने से बारिश के समय शहर में जलभराव की स्थिति बन जाती है। उन्होंने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि फ्लड प्लेन क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कर ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने गंदे नालों को रोकने, प्राकृतिक जल प्रवाह बहाल करने और अतिक्रमण हटाने के बाद वृक्षारोपण की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान डॉ. पुष्पराग एडवोकेट व अन्य पर्यावरण कार्यकर्ता मौजूद रहे। दूसरी ओर सवर्ण आर्मी ने सरकारी जमीन पर भूमाफिया कब्जों, अवैध कॉलोनियों और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहे कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। जिला अध्यक्ष विक्रम सिंह तोमर ने आरोप लगाया कि सरकारी भूमि पर अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं, रजिस्ट्री में 5 से 10 प्रतिशत अतिरिक्त पैसा लिया जाता है और नजूल व अन्य भूमि पर बिना वैधानिक अनुमति के व्यवसायिक परिसरों को खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्किंग प्रावधानों के अभाव में शहर का यातायात अव्यवस्थित हो रहा है और कई स्थानों पर विभागीय अभिलेख भी गायब मिलने की शिकायतें हैं, जिनकी विशेष जांच जरूरी है। ज्ञापन में मांग की गई कि भू-माफियाओं पर कठोर कार्रवाई, अवैध कॉलोनियों व परिसरों पर रोक, फ्लड प्लेन से निर्माण हटाने और एंटी-भूमाफिया शिकायत तंत्र को मजबूत किया जाए। संगठनों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द कार्रवाई करेगा, ताकि गुना को बाढ़ और अतिक्रमण की समस्या से राहत मिल सके।


