कलेक्टर के आदेशों की अनदेखी, बमोरी की पंचायतों में पटवारी जनसुनवाई से हैं नदारद

भास्कर संवाददाता|फतेहगढ़ कलेक्टर द्वारा पंचायत स्तर पर प्रभावी जनसुनवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की अनिवार्य उपस्थिति के स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे, ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। लेकिन बमोरी क्षेत्र की कई पंचायतों में इन आदेशों की खुलेआम अनदेखी सामने आ रही है। निर्देशों के तहत जहां पंचायत सचिव और रोजगार सहायक समय पर जनसुनवाई में उपस्थित होकर नियमों का पालन कर रहे हैं, वहीं राजस्व विभाग और कृषि विभाग के अधिकारी लगातार अनुपस्थित पाए जा रहे हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने जब बमोरी क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में जनसुनवाई के दौरान मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, तो अधिकांश पंचायतों में पटवारी मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों और संबंधित कर्मचारियों से बातचीत में यह बात सामने आई कि बीते 2 से 3 महीनों से पटवारी नियमित रूप से जनसुनवाई में नहीं आ रहे हैं। हर जनसुनवाई के बाद तैयार होने वाले उपस्थिति प्रस्तावों में भी उनकी गैरहाजिरी दर्ज है। सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायत सूजाखेड़ी के पटवारी शुभम चंदेल, बनेह के पटवारी योगेश खरे, धाननखेड़ी के पटवारी अभिनीत पचौरी और सुहाया की पटवारी रश्मि अग्रवाल लगातार जनसुनवाई से अनुपस्थित रहे हैं। इसके अलावा कृषि विभाग के अधिकारी भी नियमित रूप से जनसुनवाई में शामिल नहीं हो रहे हैं, जबकि ग्रामीणों की सबसे अधिक और गंभीर शिकायतें इसी विभाग से जुड़ी रहती हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि कलेक्टर के आदेशों की इस खुली अवहेलना के बाद संबंधित अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो जनसुनवाई के आदेश केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह जाएंगे और ग्रामीणों की समस्याएं यूं ही लंबित पड़ी रहेंगी। निर्देशित किया- कड़ाई से पालन कराएंगे ^एसडीएम और तहसीलदार को निर्देशित किया जाएगा। समय पर अब सभी पटवारी को निर्देश दें कि सभी पटवारी समय पर पंचायतों में जनसुनवाई में पहुंचे। इसका कड़ाई से पालन भी कराया जाएगा। किशोर कन्याल, कलेक्टर गुना

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