गरोठ रोड तैयार, उज्जैन-झालावाड़ को मंजूरी, उज्जैन से राजस्थान की बढ़ेगी कनेक्टिविटी

सिंहस्थ 2028 में इस साल उज्जैन से राजस्थान की कनेक्टिविटी और बढ़ जाएगी। इसके लिए एनएचएआई ने इस बार राजस्थान को दो फोरलेन को जोड़ेगा। 2700 करोड़ रुपए की लागत से उज्जैन-गरोठ रोड हाईवे बनाकर लगभग तैयार कर दिया है। वहीं उज्जैन-झालावाड़ वाली टू-लेन को भी फोरलेन किया जाएगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने पूरी तैयार कर ली है। उज्जैन-झालावाड़ को फोरलेन से जोड़ने के प्रस्ताव को दिल्ली से तकनीकी स्वीकृति भी मिल गई। वित्तीय स्वीकृति की भी प्रक्रिया के लिए भी विभाग ने फाइल मुख्यालय दिल्ली भेज दी है। वहां से भी जल्द ही स्वीकृति मिलने की उम्मीद हैं। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया निपटाते हुए एनएचएआई उज्जैन-झालावाड़ रोड को चौड़ा करने का काम शुरू करवाया जाएगा। टू-लेन की चौड़ाई दोगुना होने से वाहनों की स्पीड बढ़ जाएगी और सिंहस्थ में शामिल होने वाले यात्रियों का सफर भी आसान होगा। झालावाड़ के रास्ते इस हाईवे से पाटन, कोटा भी जुड़ जाएगा। ^ राजस्थान से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 133 मिली उज्जैन-झालावाड़ा हाईवे को टू-लेन से फोरलेन किया जाना है। तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अलावा उज्जैन-गरोठ रोड पहले ही बनकर तैयार हो चुका है। यह भी राजस्थान को जोड़ेगा। – संध्या टाले, प्रबंधक तकनीकी एनएचएआई फायदा : सड़क का दबाव कम होगा… फिलहाल उज्जैन को राजस्थान से जोड़ने के लिए उज्जैन-झालावाड़ टू-लेन हाईवे है। इसके उज्जैन से घौंसला वाला हिस्सा पहले ही फोरलेन कर दिया है। अब इसके आगे का पूरा हिस्सा फोरलेन से जुड़ जाएगा। नए प्लान में घट्टिया-घौंसला को बायपास भी मिल जाएगा। इससे यहां बढ़ा दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा। मशक्कत : जमीन अधिगृहीत करना होगी उज्जैन-झालावाड़ टू-लेन के लिए एनएचएआई के पास अभी 32 मीटर जमीन है। इसे फोरलेन कर देने पर 60 मीटर जमीन की जरूरत पड़ेगी। तभी अप और डाउन के लिए अलग-अलग सड़क बन सकेगी। इसके लिए विभाग को मशक्कत करना पड़ेगी।

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