साल 2025 का विदाई सप्ताह जैसलमेर के लिए मरुधरा की खास सौगात ‘मावठ’ लेकर आया है। बुधवार, 31 दिसंबर को अलसुबह शहर के कई हिस्सों में मावठ की पहली बरसात हुई। इस बारिश ने जहां एक ओर ठंडी हवाओं के साथ गलन बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर नए पश्चिमी विक्षोभ ने पूरे राजस्थान में कड़ाके की सर्दी का सिग्नल दे दिया है। बुधवार सुबह से ही बादलों की आवाजाही के बीच हुई हल्की बारिश से शहर के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। शहर में लोग सुबह-सुबह भारी ऊनी कपड़ों, जैकेट और मफलर में लिपटे नजर आए। ठंडी हवाओं की वजह से सड़कों पर आवाजाही कम रही और लोग जगह-जगह अलाव जलाकर ठंड से राहत पाते दिखे। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, बुधवार से प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इसका व्यापक असर अगले 4 दिनों तक देखने को मिलेगा। मौसम विभाग की चेतावनी: 22 जिलों में यलो अलर्ट जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, बुधवार से प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इसका व्यापक असर अगले 4 दिनों तक देखने को मिलेगा। 1 जनवरी को जैसलमेर सहित प्रदेश के 22 जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का ‘यलो अलर्ट’ जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 1 से 3 जनवरी तक उत्तरी और पश्चिमी राजस्थान में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे विजिबिलिटी कम रहेगी। साथ ही बारिश के थमते ही शीतलहर का दौर शुरू होगा, जिससे तापमान में और अधिक गिरावट आएगी। जोधपुर संभाग में भी दिखेगा असर मौसम विभाग ने बुधवार को जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। आधे राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। यह मावठ खेती के लिए ‘अमृत’ मानी जा रही है, खासकर रबी की फसलों के लिए यह काफी फायदेमंद रहेगी। पर्यटकों के लिए एडवेंचर, आमजन की बढ़ी मुश्किल एक तरफ जहां जैसलमेर आए सैलानी इस बदले मौसम को ‘रोमांटिक’ बता रहे हैं और थार के रेगिस्तान में बारिश का आनंद ले रहे हैं, वहीं स्थानीय लोगों के लिए अचानक बढ़ी ठिठुरन ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गलन बढ़ने से जनजीवन की रफ्तार धीमी पड़ गई है। वहीं खुले में आयोजित होने जा रहे साल के आखरी दिन के कार्यक्रम में भी खलल पड़ने की संभावना है।


