छात्रा का गला काटने वाले का एनकाउंटर:सुल्तानपुर में पैर में गोली मारी, दादा बोले- जिंदा गांव लौटा तो काट डालेंगे

सुल्तानपुर में एक युवक ने घर में घुसकर 13 साल की छात्रा से रेप की कोशिश की। नाकाम रहने पर गला काटकर उसकी हत्या की और फरार हो गया। वारदात के 10 घंटे के अंदर ही पुलिस ने मुठभेड़ में उसे गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, आरोपी ने नौंवी की छात्रा की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी थी। मरने से पहले छात्रा ने किसी तरह कागज पर आरोपी का नाम लिख दिया था। तब पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी। इस दौरान आरोपी और पुलिस का आमना-सामना हो गया। आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी और भागने लगा। जवाबी एक्शन में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी। आरोपी मुंह के बल गिर पड़ा। पुलिस ने उसे पकड़ा और सीएचसी में भर्ती कराया। मृतक छात्रा के परिवार ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है। छात्रा के दादा का कहना है कि अगर आरोपी गांव में जिंदा वापस आया तो मैं उसका गला काट दूंगा। घटना कूरेभार थाना क्षेत्र से करीब सवा किलोमीटर दूर एक गांव की है। पहले 2 पॉइंट में पूरा मामला समझ लीजिए… जिस दादा ने पाला, उन्हीं की गोद में तोड़ा दम छात्रा 5 भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर थी। वह बचपन से ही अपने दादा-दादी के साथ रहती थी। माता-पिता और अन्य भाई-बहन गांव के बाहर बने मकान में रहते हैं। पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं। सीएचसी में इलाज के दौरान छात्रा ने उन्हीं दादा की गोद में ही दम तोड़ा, जिन्होंने पाल-पोस कर बड़ा किया था। दादा ने सबके सामने कहा- अगर आरोपी को फांसी नहीं हुई और वह मुझे गांव में जिंदा दिख गया, तो मैं उसे काट डालूंगा, फिर मुझे किसी मुकदमे का डर नहीं। उसने मेरी फूल सी बच्ची को मारा है। अब 3 पॉइंट में जानिए कैसे पकड़ा गया आरोपी… स्मैक का नशेड़ी, चोरी मामले में जेल से बाहर आया था
पुलिस ने बताया- आरोपी विनीत स्मैक का नशेड़ी है। वह पेशेवर चोर भी है। चोरी के मामले में मार्च 2025 में उसे जेल भेजा गया था। इस मामले में कुछ ही महीने पहले वह जेल से जमानत पर बाहर आया था। आरोपी के पास से एक तमंचा बरामद हुआ है। ————————– ये खबर भी पढ़ें… बृजभूषण सिंह बोले- संसद से मुझे बेइज्जत करके निकाला:जिंदा रहा तो एक बार जरूर जाऊंगा; अखिलेश का एहसान कभी नहीं भूलूंगा ‘लोकसभा से मुझे जनता ने नहीं, बल्कि साजिश के तहत हटाया गया। मेरा कार्यकाल पूरा नहीं हुआ था। मुझे बेइज्जत करके निकाला गया। अगर जिंदा रहा तो एक बार जरूर लोकसभा जाऊंगा। कोशिश तो रहेगी कि अपनी ही पार्टी से जाऊं, लेकिन बाद की बाद में देखेंगे। जब मैं खराब दौर से गुजर रहा था, तब अखिलेश यादव ने मेरे खिलाफ एक शब्द नहीं बोला। मैं उसका एहसान कभी नहीं भूलूंगा।’ ये बातें भाजपा के कद्दावर नेता, पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहीं। पढ़ें पूरी खबर…

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