रीवा जिले के गुढ़ क्षेत्र में स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक भैरवनाथ मंदिर एक बार फिर प्रदेश की सियासत, आस्था और पर्यटन के केंद्र में आ गया है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और गुढ़ विधायक नागेंद्र सिंह ने मंदिर में विधि-विधान के साथ रुद्राभिषेक किया। पूजा के दौरान प्रदेश, क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की गई। CM दौरे से पहले अग्रिम पूजा 31 दिसंबर को मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए आज अग्रिम रूप से पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक किया गया। इसे प्रशासनिक और धार्मिक दोनों स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संकेत साफ हैं—सरकार गुढ़ के भैरवनाथ मंदिर को नए सिरे से प्रतिष्ठा और पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हजार साल पुरानी आस्था, अब पर्यटन का केंद्र मंदिर में स्थापित भैरवनाथ की प्रतिमा लगभग एक हजार वर्ष पुरानी मानी जाती है। यह न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत भी है। सरकार अब इस विरासत को धार्मिक पर्यटन से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि गुढ़ को रीवा जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल किया जा सके। विवाद के बाद पुनर्निर्माण की पहल हाल के समय में गुढ़ भैरवनाथ मंदिर एक गंभीर आपराधिक मामले के बाद चर्चाओं में आया था, जिससे मंदिर की गरिमा और छवि पर भी असर पड़ा। अब उसी पृष्ठभूमि में सरकार और जनप्रतिनिधियों की यह पहल संदेश देती है कि मंदिर को नए निर्माण, भव्य स्वरूप और सकारात्मक पहचान के साथ पुनः स्थापित किया जाएगा। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि सरकार आस्था स्थलों को विकास और पर्यटन से जोड़कर उन्हें दोबारा जीवंत करना चाहती है। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना चाहती है। गुढ़ का भैरवनाथ मंदिर आने वाले समय में धार्मिक पर्यटन हब के रूप में उभर सकता है। पूरे रुद्राभिषेक कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। अब निगाहें 31 दिसंबर को मुख्यमंत्री के दौरे और भैरवनाथ मंदिर को लेकर होने वाली अगली बड़ी घोषणाओं पर टिकी हैं।


