कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया की 300 करोड़ कीमत की अचल संपत्तियां जब्त की हैं। जांच एजेंसी ने कुल 142 प्रॉपर्टियां सीज की हैं। ये एक्शन मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MUDA) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लिया गया है। ED के जारी बयान में कहा, ‘जब्त की गई संपत्तियां अलग-अलग लोगों के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। ये लोग रियल एस्टेट व्यवसायी और एजेंट के तौर पर रूप में काम कर रहे हैं।’ दरअसल, MUDA पर आरोप है कि उसने 2022 में सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को मैसूरु के कसाबा होबली स्थित कसारे गांव में उनकी 3.16 एकड़ जमीन के बदले मैसुरु के एक पॉश इलाके में 14 साइट्स 3,24,700 रुपए में आवंटित की। इन साइट्स की कीमत पार्वती की जमीन की तुलना में बहुत ज्यादा थी। हालांकि, इस 3.16 एकड़ जमीन पर पार्वती का कोई कानूनी अधिकार भी नहीं था। ये जमीन पार्वती के भाई मल्लिकार्जुन ने उन्हें 2010 में गिफ्ट में दी थी। MUDA ने इस जमीन को अधिग्रहण किए बिना ही देवनूर स्टेज 3 लेआउट विकास किया था। सिद्धारमैया ने कहा था- भाजपा सरकार में पत्नी को जमीन मिली
आरोपों पर सिद्धारमैया ने कहा था – 2014 में जब मैं CM था तो पत्नी ने मुआवजे के लिए आवेदन किया था। मैंने पत्नी से कहा था कि जब तक मैं CM हूं तब तक मुआवजे के लिए आवेदन ना किया जाए। 2020-21 में जब भाजपा की सरकार थी, तब पत्नी को मुआवजे की जमीन आवंटित की गई। भाजपा सिर्फ मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाने की कोशिश कर रही है। सिद्धारमैया पर क्या-क्या आरोप लगे हैं


