पहल से युवाओं को रोजगार मिलेगा, होटल के साथ ही अन्य व्यवसाय को मिलेगा बढ़ावा

भास्कर न्यूज | कवर्धा छत्तीसगढ़ का खजुराहो कहे जाने वाला भोरमदेव मंदिर अब एक नए युग में प्रवेश करने जा रहा है। करीब 1 हजार साल से श्रद्धा का केंद्र रहे भोरमदेव को अब अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में डेवलप करने तैयारी हो रही है। स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के जरिए केंद्र से 146 करोड़ रुपए मंजूर हुआ है। यहां सिर्फ मंदिर सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि भोरमदेव-रामचुआ और सरोदा को जोड़ने वाला एक संपूर्ण भोरमदेव कॉरिडोर होगा। भोरमदेव के इतिहास में यह पहला मौका है, जब विकास को कॉरिडोर मॉडल पर अंजाम दिया जा रहा है। पहले विकास कार्य बिखरे हुए थे। लेकिन अब एक सुनियोजित मास्टर प्लान के तहत पूरे क्षेत्र को बदला जाएगा। भोरमदेव के इतिहास को सहेजने के लिए वीडियो डॉक्यूमेंट्री बनेगी। लाइट और साउंड शो के जरिए भोरमदेव मंदिर की कहानी और उससे जुड़े प्रसंग दिखाई व सुनाए जाएंगे। रोजगार मिलेगा, अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा: भोरमदेव कॉरिडोर से स्थानीय युवाओं को रोजगार, होटल, गाइड, ट्रांसपोर्ट और हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलेगा। पहली बार भोरमदेव को केवल मंदिर नहीं, बल्कि पूरे पर्यटन इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है। भूमिपूजन आज : स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत 146 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमिपूजन 1 जनवरी को दोपहर 2 बजे किया जाएगा। कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और मुख्य अतिथि होंगे। जिला पुरातत्व समिति के सदस्य आदित्य श्रीवास्तव बताते हैं कि भोरमदेव मंदिर और आसपास के प्रसिद्ध स्थानों का लिडार सर्वे करेंगे। मंदिर की थ्री-डी डिजाइन तैयार कर इंटरनेट पर अपलोड की जाएगी। गूगल पर भोरमदेव सर्च करने पर मंदिर की थ्री-डी विजुअल दिखेगी। इससे भोरमदेव मंदिर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। पुलिस चौकी व कंट्रोल रूम खुलेंगे : भोरमदेव महोत्सव स्थल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच निर्माण किया जाएगा। यहां तेरस पर बड़ा मेला लगता है। भोरमदेव महोत्सव होता है। महोत्सव स्थल पर कलाकारों के लिए व्यवस्थित ग्रीन रूम व शौचालय बनेगा। पूरे परिसर में सीसीटीवी निगरानी, पुलिस चौकी, कंट्रोल रूम रहेगा। सरोवर के चारों ओर भव्य घाट बनेंगे: प्लानिंग के अनुसार, भोरमदेव सरोवर के चारों ओर भव्य घाट बनेंगे। शिव प्लाजा, जातु कर्ण मुनि की प्रतिमा, विशाल लक्ष्मण झूला, तालाब के बीच आकर्षक प्रतीक चिन्ह स्थापित किया जाएगा। वहीं मंदिर परिसर का विस्तार और हाईटेक लाइटिंग की जाएगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *