झालावाड़| शहर के अधिकतर हिस्सों में रोड लाइटें नहीं जल रही हैं। इसके चलते लोगों को अंधेरे में सफर करना पड़ रहा है। सिटी फोरलेन पर भी अधिकतर जगहों पर रोड लाइटें बंद रहती हैं। जबकि इस मार्ग पर काफी अधिक ट्रैफिक है। इस मामले में डिस्कॉम अधिकारियों का ध्यान नहीं है। – प्रमोद कुमार, झालावाड़। झालावाड़| शहर की सांईनाथपुरम कॉलोनी में सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। इसके चलते आने जाने वाले लोगों को खासी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में भी पिछले 8 महीने से मुख्य सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे हो रहे हैं कई बार यहां पर दो पहिया वाहन चालकों को अत्यंत भारी परेशानी उठानी पड़ती है। – गजेंद्र प्रसाद शर्मा झालावाड़| शहर के खंडिया क्षेत्र में कचरे की गाडी नहीं आने से परेशानी आ रही है। यहां अस्पताल सहित अन्य कई निर्माण हैं। एक अपार्टमेंट भी है जिसमें कई परिवार रहते हैं, लेकिन उसके बाद भी यहां पर कचरा गाडी नहीं आ रही है। कई बार नगरपरिषद में शिकायत की, लेकिन अधिकारी और जनप्रतिनिधि सुनवाई नहीं कर रहे हैं। – निकिता शर्मा भवानीमंडी| शहर के सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाले क्षेत्र गर्ल्स स्कूल चौराहे पर सड़क उखड़ गई है। वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। इस चौराहे पर सड़क की मरम्मत के साथ सड़क दुर्घटना रोकने के लिए स्पीड ब्रेकर बनाने की भी जरूरत है, लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं कर रहा है। जल्द से जल्द इस समस्या पर ध्यान दिया जाए। – गणेश सालेचा झालावाड़| शहर के सर्विसलेन पर कोटा रोड के कई रेस्टोरेंट संचालकों ने कब्जे कर रखे हैं इससे इस मार्ग से लोगों का निकलना भी दुश्वार हो रहा है। यहां नालियों पर भी कब्जे कर उनके निकास बंद कर रखे हैं। इससे गंदगी सड़क तक आ रही है। रोड पर पार्किंग हो रही है। जिससे हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इस समस्या पर नगर परिषद के अधिकारियों का ध्यान ही नहीं है। परिषद को इस समस्या को लेकर सख्त कदम उठाने की आवश्यक्ता है। – अशोक शर्मा, झालावाड़। झालावाड़| शहर में नई जगह कृषि उपजमंडी रोड पर साप्ताहिक हाट बाजार तो लगाने लगे हैं, लेकिन अंधेरे में व्यापारी अपनी दुकानें लगाने को मजबूर हैं। यहां पर नगरपरिषद की ओर से लाइटों की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। साप्ताहिक हाट बाजार में दूर दराज से लोग व्यापार करने आते हैं, लेकिन इनको यहां काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शहरवासी वाहनों की लाइट जलाकर सामान की खरीद कर रहे हैं। यहां तक की सब्जी लेने में भी परेशानी हो रही है। – आकाश शर्मा, झालावाड़। झालावाड़| शहर में रियासत कालीन एक जगह है मंगलनाथ की डूंगरी के सामने इसका नाम है चाय का चबूतरा। इस जगह को यहां के पूर्व नरेश राजेंद्र ने बनवाया था। यहां पर एक माताजी का मंदिर भी है, जहां बड़ी संख्या में लोग दर्शन पूजन को आते है, लेकिन यहां तक पहुंचना लोगों के लिए आसान नहीं है। यहां सड़क ही नहीं है। पूरा रास्ता कंकर पत्थरों से भरा है। ऐसे में यहां वाहन भी ठीक से नहीं पहुंच पाते है। यहां पक्की सड़क बन जाए तो श्रद्धालुओं का भी सुविधा होगी और पर्यटन स्थल भी डेवलप होगा। – शैलेंद्र जैन गुनगुना।


