अनीता चौधरी हत्याकांड मामले में सरकार को नोटिस:हाई कोर्ट ने पूछा- जांच सीबीआई को भेजने का मन बनाया क्या?

जोधपुर के बहुचर्चित अनीता चौधरी हत्याकांड की जांच अब तक सीबीआई के पास नहीं पहुंचने को लेकर राजस्थान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस संबंध में अनीता चौधरी के पति मनमोहन चौधरी ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। इस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के जस्टिस फरजंद अली ने डिप्टी एडवोकेट जनरल विक्रम राजपुरोहित को राज्य सरकार के नाम जारी नोटिस स्वीकार करने के साथ ही प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपने के संबंध में जवाब पेश करने को कहा है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट रूप से पूछा है कि क्या राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए सीबीआई को भेजने का मन बना लिया है और इसके लिए दिल्ली पुलिस स्थापना अधिनियम की धारा 6 के तहत आवश्यक सहमति प्रदान की गई है या नहीं? अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी। यह था मामला 30 अक्टूबर को जोधपुर के गंगाणा में अनीता चौधरी की टुकड़ों में आरोपी गुलामुद्दीन के घर लाश मिली थी। आरोपी गुलामुद्दीन को बॉडी मिलने के 8 दिन बाद मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। हत्याकांड सामने आने के बाद अनीता चौधरी के परिजन विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। इस हत्याकांड को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल भी काफी बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ शामिल हुए थे। 21 दिन चले गतिरोध के बाद हुआ था अंतिम संस्कार जोधपुर में ब्यूटीशियन अनीता चौधरी हत्याकांड में सीबीआई जांच सहित अन्य मांगों को लेकर कई दिनों तक गतिरोध चला था। आखिरकार, प्रशासन व परिजनों के बीच सहमति बनने पर 21 दिन बाद अनीता की देह का अंतिम संस्कार किया गया था। इस दौरान तीन मांगों पर सहमति बनी थी, जिनमें हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश, अनीता के बेटे को नौकरी और 51 लाख की आर्थिक सहायता देने की मांग शामिल थी। इस मामले में सरकार की ओर से ओसियां विधायक भैराराम सियोल, जोधपुर कमिश्नर राजेंद्र सिंह, विधायक देवेन्द्र जोशी और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल, मृतका के पति मनमोहन व अन्य परिजनों के बीच सर्किट हाउस में वार्ता हुई थी।

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