मुंगेली | लोरमी विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित बैगा ग्राम मौहामांचा में क्षय एवं कुष्ठ उन्मूलन को लेकर जनजागरूकता सह स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले बैगा समुदाय को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना व गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान करना रहा। शिविर के दौरान कुल 75 मरीजों की जांच की गई। इनमें 7 संदेहास्पद टीबी मरीज, सर्दी-खांसी के 29, दाद-खाज-खुजली के 6, बुखार के 4, हाईपरटेंशन के 2, कमजोरी के 10, हाथ-पैर दर्द के 7, आंख संबंधी 2 और अन्य 9 मरीज शामिल थे। सभी मरीजों को निःशुल्क दवाइयां, आवश्यक परामर्श व बचाव संबंधी पाम्पलेट वितरित किए गए। टीबी के संदेहास्पद मरीजों का बलगम नमूना सीबी-नॉट मशीन से जांच के लिए एकत्र किया गया। जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. सुदेश रात्रे ने बताया कि जिले के सुदूर एवं पहुंचविहीन बैगा ग्रामों में टीबी व कुष्ठ रोग की रोकथाम के लिए नियमित रूप से शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर के सफल आयोजन के लिए एक दिन पूर्व कोटवार द्वारा मुनादी कराई गई और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों द्वारा गांव में व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के डीपीसी अमिताभ तिवारी, डीपीपीएमसी अमित सिंह, पीएमडीटी समन्वयक धीरज रात्रे, आरएचओ शिवपाल धनकर सहित मितानिन व स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।


