मुंगेली | गुरुघासीदास की जयंती 18 दिसम्बर से लेकर 31 दिसम्बर तक व जनवरी माह तक उत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस अवसर पर हर गांव और मोहल्ले में चौका, पंथी गीत, पंथी नृत्य और सतनाम भजन के माध्यम से बाबा गुरु घासीदास के संदेशों को लोगों तक पहुंचाया जाता है। विगत दिसंबर माह में मुंगेली जिले के युवा सामाजिक कार्यकर्ता खुमान भास्कर और धर्मेंद्र चतुर्वेदी ने मंचीय कार्यक्रम में युवाओं को जागरूक करते हुए गुरु घासीदास के 7 वचन और 42 सिद्धांतों को समझाया। उन्होंने विशेष रूप से नशा और धूम्रपान से दूर रहने, शिक्षा पर जोर देने और सकारात्मक जीवन जीने की अपील की। धर्मेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि गुरु घासीदास पूरे विश्व में पहले ऐसे संत हैं जिन्होंने मानव के सम्मान और शिक्षा का संदेश दिया। उनके संदेश और सिद्धांत मानव जीवन को सफल बनाने, अच्छे व्यक्तित्व का निर्माण और समाज में जागृति लाने का मार्गदर्शन करते हैं। इस जयंती आयोजन का उद्देश्य युवाओं में नैतिक, सामाजिक और शैक्षणिक चेतना का विकास करना है।


