इंदौर में प्लॉट खरीदना सबसे सुरक्षित और पसंदीदा निवेश रहा है। साल 2025-26 के नौ महीनों के जो आंकड़े सामने आए, उसके मुताबिक रियल एस्टेट बाजार ग्रोथ मोड में है। लेकिन, इन नौ महीनों का जो ट्रेंड सामने आया है, उसमें औसत बजट के फ्लैट ज्यादा बिके। प्लॉटों की खरीदी-बिक्री अपेक्षाकृत कम हुई, लेकिन जो सौदे हुए, वे महंगे दामों में हैं। इसी से पंजीयन विभाग को ज्यादा राजस्व मिला, जबकि रजिस्ट्रियां कम हुईं। एक और बड़ा तथ्य यह सामने आया कि मास्टर प्लान के इंतजार, 79 गांवों में अनुमति पर रोक, आउटर रिंग रोड सहित बड़े प्रोजेक्ट के चलते खेती की जमीनों की खरीदी-बिक्री कम हुई। वरिष्ठ जिला पंजीयक डॉ. अमरेश नायडू के मुताबिक अप्रैल-25 से दिसंबर तक कुल 1,08,800 दस्तावेज रजिस्टर्ड हुए। पिछले साल यह 1,03,487 थे। इस साल अब तक की आय 1763.01 करोड़ रु. है, जो कि पिछले साल 1693.74 करोड़ थी। पिछले साल की अपेक्षा इस साल 4.59% दस्तावेज इस साल ज्यादा पंजीकृत हुए जबकि आय 4.16% बढ़ी है। ऐसे समझें : साल 2025-26 में प्रापर्टी खरीदी-बिक्री का ट्रेंड अब बात शहर के अलग-अलग क्षेत्रों की (आंकड़ें दिसंबर मध्य तक के है) इस साल जो बढ़ोतरी हुई वह 10 साल में नहीं -2025-26 की गाइड लाइन में इंदौर की कुल 4751 लोकेशन में से 3334 पर बढ़ोतरी हुई। यह वृद्धि औसत 30% की है, जो कि पिछले 10 सालों में नहीं हुई। 2024-25 में पंजीयन विभाग ने स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क से कुल 2540 करोड़ की आय की थी। यह आंकड़ा 2023-24 में 2414 करोड़ था। यंग जनरेशन जल्द घर और फ्लैट खरीदना चाहती है, इनवेस्टर रुका है
प्रॉपर्टी मामलों के जानकार एडवोकेट प्रमोद द्विवेदी के मुताबिक, अब लोन लेने की प्रवृत्ति बढ़ गई है। 85 से 90% लोन प्रॉपर्टी पर आसानी से मिलता है। यंग जनरेशन जल्द खुद के घर का सपना पूरा करना चाहती है। मास्टर प्लान के कारण और गाइड लाइन कहीं-कहीं अत्यधिक बढ़ने से कृषि भूमि की रजिस्ट्रियां अटकी हैं। क्रेडाई के पैट्रन मेंबर अतुल झंवर मानते हैं, प्लान के 79 गांवों में अभी नक्शे फ्रीज हैं, इसलिए कृषि भूमि की रजिस्ट्रियां ज्यादा नहीं हुईं। साथ ही इस साल एक्चुअल यूजर का मार्केट रहा है, जो लोन लेकर प्रॉपर्टी ले सकता है। इनवेस्टर अभी रुका हुआ है।


