पेड़ पर आधा दर्जन जंगली सूअर देख पुलिस हुई हैरान:मारकर टांगते, उसी से भूख मिटाते, डकैतों को पकड़ने 225 पुलिसकर्मियों ने जंगल में बिताई रात

राजगढ़ में चोरी, लूट और डकैती के बाद बदमाश गुना के घने जंगलों में रहने लगे। तेज सर्दी के बीच खुले आसमान तले बिस्तर डालकर सोए। भूख लगी तो जो मिला, उसे मारकर खा लिया। एक पेड़ पर 6 से ज्यादा जंगली सूअर लटके थे। डकैत इन सूअरों का मांस कभी कच्चा तो कभी पकाकर ये खा रहे थे। कुछ को देखकर तो ऐसा लगा जैसे उनका मांस नोचकर खाया गया हो। यह हैरान करने वाली कहानी है, पारदी गैंग की, जिन्होंने 24 दिसंबर की रात राजगढ़ में दो ज्वेलर के यहां डकैती डाली थी। बदमाशों को रोकने पर एक बुजुर्ग व्यापारी पर सब्बल से हमला किया था। इसके बाद फायरिंग करते हुए माल लेकर फरार हो गए थे। पुलिस ने गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दैनिक भास्कर ने गैंग के गिरफ्तारी से लेकर उसके छिपे होने की पूरी कहानी पुलिस से जानने की कोशिश की, पढ़िए यह रिपोर्ट… तीन दुकानों को बनाया निशाना
राजगढ़ के किला क्षेत्र में 24-25 दिसंबर की दरमियानी रात ‎‎10 से ज्यादा हथियारबंद ‎बदमाशों ने सर्राफा ‎कारोबारियों को निशाना बनाते हुए ‎जमकर तांडव मचाया। करीब 14 लाख रुपए की डकैती ‎को अंजाम दिया। बदमाश गुलेल, सब्बल, पिस्तौल और बंदूक लेकर बाजार में घुसे और एक के बाद एक सर्राफा की दो दुकानों में ताले तोड़कर लाखों का माल समेट ले गए। तीसरी दुकान में सो रहे बुजुर्ग व्यापारी पर बदमाशों ने जानलेवा हमला किया, जबकि भागते समय उनका पीछा कर रहे तीन युवकों पर फायरिंग और पत्थरबाजी की गई। पूरी वारदात के बाद किला क्षेत्र के व्यापारियों में गहरी दहशत है। अब जानिए कैसे आए गिरफ्त में…
एसपी अमित तोलानी ने बताया कि बदमाशों ने विरोध करने पर एक बुजुर्ग व्यापारी पर हमला किया। बांसवाड़ा क्षेत्र में घर के बाहर खड़ी बाइक चोरी की। पीछा करने पर युवकों पर फायरिंग कर फरार हो गए। वे मुक्तिधाम होते हुए ब्यावरा हाईवे पर पहुंचे और गुना की ओर भाग निकले। चार अलग-अलग अपराध दर्ज, इनाम भी घोषित
घटना के बाद कोतवाली राजगढ़ में चोरी, लूट, जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं में चार अलग-अलग अपराध केस दर्ज किए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर एक 1 लाख 20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया। जांच में सामने आया पारदी गैंग का नाम
प्रारंभिक जांच, घटनास्थल के हालात और वारदात के तरीके से पुलिस को अंदेशा हो गया था कि यह किसी स्थानीय गिरोह का काम नहीं है। सीसीटीवी से यह बात कुछ हद तक पुख्ता हो गई, क्योंकि पारदी गैंग वारदात में गुलेल का इस्तेमाल करती है। एसपी के निर्देश पर तकनीकी जांच, मोबाइल टावर लोकेशन और पुराने अपराध रिकॉर्ड खंगाले गए, तो सामने आया कि वारदात पारदी गैंग ने अंजाम दी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पारदी गैंग देशभर में चोरी और लूट के लिए कुख्यात रही है और वारदात के बाद जंगलों में छिप जाना इनका पुराना तरीका है। जंगल में छिपे, ऑपरेशन स्पेशल 75 ने पकड़ा
तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र के जरिए पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र के बिलास सामरसिंघा के जंगलों में छिपे हुए हैं। यह इलाका घना और दुर्गम है, जहां सड़क और मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाएं लगभग नहीं हैं। सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने विशेष रणनीति तैयार की और एक अलग टीम बनाई, जिसे नाम दिया ऑपरेशन स्पेशल 75। 75 लोगों की टीम, 40 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन
एसपी तोलानी ने बताया कि रविवार रात अलग-अलग थाना क्षेत्रों से पुलिस बल को शामिल कर जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। पांच टीमों में कुल 75 लोग थे। लगातार 40 घंटे तक पुलिस टीमों ने करीब 20 किलोमीटर क्षेत्र में घेराबंदी कर जंगल को खंगाला। ठंड, कोहरा और दुर्गम भू-भाग के बावजूद पुलिस टीमों ने सर्चिंग जारी रखी। टीम को जंगल में खतरा महसूस हुआ तो 75 की संख्या में 150 लोगों को और जोड़ दिया गया। यानी कुल संख्या अब 225 की दी गई। मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण टीम को एक-दूसरे से संपर्क करने में भी परेशानी आ रही थी। रातभर टॉर्च की रोशनी में सर्चिंग जारी रही। सोमवार अलसुबह बीच जंगल में ये छिपे दिखे। इसके बाद टीमों को चारों ओर से घेराबंदी के लिए कहा गया। टीम ने तत्काल दबिश देने का प्लान किया, क्योंकि सुबह-सुबह ज्यादातर लोग सोए हुए थे। तीन आरोपी आए गिरफ्त में…
टीम के दबिश देते हुए गैंग में शामिल सभी लोगों ने भागने की कोशिश की। घना कोहरा होने से बाकी लोग भागने में सफल हो गए। वहीं, तीन हाथ आए। इनमें जीवा पिता रोवा पारदी (42), निवासी ग्राम कनारी, थाना धरनावदा गिरिराज पिता जगदीश पारदी (23), निवासी ग्राम बीलाखेड़ी, थाना धरनावदा छोटू पिता छैला पारदी (20), निवासी थाना धरनावदा, गुना शामिल हैं। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने सर्राफा बाजार की चोरी, लूट और फायरिंग की घटनाओं में शामिल होना स्वीकार किया है। पेड़ पर लटके मिले मृत जंगली सूअर
जंगल के बीच सर्चिंग टीम को जो नजारा दिखा वह बहुत ही खौफनाक था। बदमाश खुले आसमान के नीचे ठंड में बिस्तर डालकर रह रहे थे। यहां अलाव भी जल रहा था। आसपास जानवरों की हड्डियां पड़ी हुई थीं। एक पेड़ पर तो 6 से ज्यादा मरे जंगली सूअर लटके हुए थे। इनके शरीर का आधा हिस्सा गायब था। कुछ ऐसे दिख रहे थे, जैसे मांस को नोच कर खाया गया हो। पूछने पर पता चला कि आरोपियों की जंगल में लंबे समय तक छिपे रहने की प्लानिंग थी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि भूख लगने पर आरोपी जंगल में जंगली सूअर का मांस कच्चा और पकाकर खा रहे थे, ताकि बाहर न निकलना पड़े। हथियार, गोलियां, नकदी और वाहन बरामद
पुलिस के अनुसार मौके से एक बंदूक, 15 जिंदा कारतूस (12 बोर), 30 हजार रुपए नकद, 6 बाइक, एक गुलेल चोरी और लूट में उपयोग की गई सामग्री और छर्रे बरामद हुए हैं। इनकी कीमत करीब ढाई लाख रुपए है। जीवा पर मप्र अन्य राज्यों में भी केस दर्ज हैं
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी जीवा पारदी के खिलाफ मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश और झारखंड तक में चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। गुना और आसपास के जिलों में ही उस पर दर्जनों अपराध पंजीबद्ध हैं। पुलिस का मानना है कि यह गिरफ्तारी पारदी गैंग के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम कदम है। अब पढ़िए उस दिन डकैती की पूरी कहानी पहले राजेंद्र विजयवर्गीय की दुकान को बनाया निशाना
बदमाशों ने सबसे पहले सराफा व्यापारी राजेंद्र विजयवर्गीय की ज्वेलर्स दुकान का ताला तोड़ा। दुकान के अंदर घुसकर बदमाशों ने करीब 1 किलो चांदी, 3 तोला सोना और 3 लाख रुपए से अधिक नकदी चोरी कर ली। चोरी के बाद पहचान छुपाने के इरादे से बदमाशों ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे सहित अन्य सामान में जमकर तोड़फोड़ की। दुकान के ऊपर किराएदार रहते हैं और पास ही विजयवर्गीय परिवार का मकान है, इसके बावजूद बदमाश बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देते रहे। बागेश्वर ज्वेलर्स में भी तोड़ा ताला
इसके बाद बदमाश पास ही स्थित श्री बागेश्वर ज्वेलर्स पहुंचे। यहां सचिन सोनी की दुकान का ताला तोड़कर अंदर रखी लोहे की अलमारी को नुकसान पहुंचाया और उसमें रखे 32 हजार रुपए नकद, करीब 200 ग्राम चांदी और ज्वेलरी बनाने के औजार चोरी कर लिए। दो दुकानों में चोरी के बाद बदमाशों का हौसला और बढ़ गया। तीसरी दुकान में सो रहे बुजुर्ग पर हमला
चोरी के बाद बदमाशों ने चंद कदमों की दूरी पर स्थित गोपालचंद सोनी (75) की गिरवी गांठे की लाइसेंसी दुकान का शटर तोड़ने की कोशिश की। गोपालचंद सोनी दुकान के अंदर ही सो रहे थे। शटर से खटपट की आवाज सुनकर उनकी नींद खुली और उन्होंने शोर मचाया। इस पर बदमाशों ने लोहे का सब्बल शटर के अंदर की ओर घुसा दिया, जिससे उनके पैर में चोट आई। स्थिति बिगड़ती देख बुजुर्ग व्यापारी ने अंदर से दूसरा ताला लगा दिया, जिससे शटर पूरी तरह नहीं खुल सका और तेज तेज शोर मचाया, जिससे उनकी जान बच गई। व्यापारी गोपाल चंद सोंनी ने बताया कि यदि दूसरा ताला नहीं लगाया होता तो बदमाश अंदर घुसकर जानलेवा हमला कर सकते थे। बाइक चोरी कर भागे, युवकों पर फायरिंग और पत्थरबाजी
शोर मचने और लोगों के जागने पर बदमाश सराफा बाजार से बांसवाड़ा क्षेत्र की ओर भागे। इस दौरान उन्होंने एक युवक की खड़ी बाइक चोरी कर ली। बाइक ले जाते समय अमित मेवाड़े ने बदमाशों को देख लिया और शोर मचाया। पीछा करने पर बदमाशों ने गुलेल से पत्थर चलाए और पिस्तौल से फायरिंग की। गुलेल के पत्थर से कमल मेवाड़े की आंख में गंभीर चोट आई, जबकि अमित मेवाड़े की पीठ और एक अन्य युवक की कमर में चोट लगी। अमित मेवाड़े ने साहस दिखाते हुए एक बदमाश को रॉड से मारकर गिरा भी दिया, लेकिन उसके साथी ने उन पर पिस्तौल से फायर कर दिया। इसके बाद बदमाश श्मशान के पास खड़ी बिना नंबर की बाइकों पर सवार होकर हाईवे की ओर फरार हो गए। चश्मदीदों ने बताई खौफनाक तस्वीर
बाजार में स्थित लक्ष्मीकांत मंदिर में रहने वाले पंडित नरसिंह लाल लश्करी (75) ने बताया कि खटपट की आवाज सुनकर देखा तो बाजार में कई लोग खड़े थे। दो बदमाश उनके पास आए और अंदर रहने को कहा। डर के कारण उन्होंने बिना लाइट जलाए पड़ोसियों को फोन कर सतर्क किया। वहीं, हार्डवेयर दुकानदार मुर्तजा अली बोहरा ने बताया कि बदमाश गोपालचंद सोनी की दुकान का शटर सब्बल से उठाने की कोशिश कर रहे थे। शोर मचाने पर बदमाशों ने उन पर भी गुलेल से पत्थर फेंका। जिससे उनके कंधे में चोट लगी है। एसपी ने कहा- दो दिन तक सर्च ऑपरेशन किया
एसपी अमित तोलानी ने जंगल में सर्च ऑपरेशन में हमें दो दिन लगे। दो दिन के करीब 40 घंटे में से 20 घंटे तक हमारी हमारी टीम बिना कुछ खाए- पिए रही। मुखिया जीवा पारदी है। यह गैंग का लीडर है, इसी के लड़के और इसी के गुर्गे थे। जंगल और पहाड़ी क्षेत्र के बारे में पुलिस को अधिक जानकारी नहीं थी। इसके बावजूद रात में कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। बिना लाइट, बिना टॉर्च और बिना वाहन की हेडलाइट के जंगल की पहाड़ी पर चढ़ाई करनी पड़ी। जिन आरोपियों को पकड़ना था, उनकी संख्या 12 से 15 के बीच थी और वे हथियारों से लैस थे। पहाड़ी क्षेत्र में ऊपर जाने के बाद मोबाइल नेटवर्क भी काम नहीं करता, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए। इन तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पुलिस टीम ने रात में जंगल के अंदर जाकर ऑपरेशन करने का फैसला किया। इस कार्रवाई में शामिल सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी बेहद जांबाज हैं। जान का खतरा होने के बावजूद उन्होंने अंधेरे, घने जंगल और पहाड़ियों में चढ़कर बिना अपनी सुरक्षा की परवाह किए सरप्राइज अटैक किया, इसलिए उन्हें जांबाज कहा जा रहा है। जंगल में तीन मीटर की दूरी पर नहीं दिख रहा था
एसपी अमित तोलानी ने बताया कि जंगल इतना घना है कि तीन मीटर आगे तक साफ दिखाई नहीं देता। पेड़ों की अधिकता के कारण आगे देख पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। आरोपियों को पकड़ने में मुखबिर और जंगल के आसपास रहने वाले लोगों का भी महत्वपूर्ण सहयोग मिला। स्थानीय लोग इन अपराधी प्रवृत्ति के पारदी लोगों से लंबे समय से परेशान थे। ये लोग डकैती के बाद केवल जंगल में छिपते ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीणों को भी परेशान करते हैं। जंगल में जो भी जानवर मिल जाता है, उसे मारकर खा लेते हैं। दबिश के दौरान पुलिस ने एक मरा और कटा हुआ सूअर भी देखा, जिसे आरोपियों ने रात में आधा खाया था। संबंधित खबर पढ़ें…
राजगढ़ लूटकांड; फरार गैंग पर 1.20 लाख का इनाम घोषित:CCTV के आधार पर 10-12 बदमाशों की पहचान में जुटी पुलिस राजगढ़ के किला क्षेत्र स्थित सराफा बाजार में हथियारबंद गिरोह द्वारा की गई सनसनीखेज चोरी और लूट के बाद पुलिस ने फरार अपराधियों की तलाश में बड़ा कदम उठाया है। अब अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए घोषित इनाम की राशि बढ़ाकर 1 लाख 20 हजार रुपए कर दी गई है। पूरी खबर पढ़ें IG के दौरे से थके पुलिसकर्मी…नहीं पकड़ सके डकैत:फायरिंग करते हुए भागे थे बदमाश 24 दिसंबर, रात 2 बजे। राजगढ़ का सराफा बाजार। आईजी के दौरे से फुरसत हुए डायल 112 के पुलिसकर्मी झांसी वाली रानी चौराहे पर अलाव ताप रहे थे। जबकि उन्हें सराफा में गश्त पर होना था। इसी दौरान डकैत आए। 45 मिनट तक आतंक मचाया और फरार हो गए। पुलिस को पारदी समुदाय के लोगों पर शक है। पूरी खबर पढ़ें

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