बैतूल में सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक अंशकालीन महिला कर्मचारी ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। महिला काम से हटाए जाने को लेकर नाराज थी और सहायक आयुक्त से मिलने कार्यालय पहुंची थी। चंपा वट्टी नामक महिला छात्रावास में रसोइया के रूप में अंशकालीन कार्यरत थी। वह अपनी सेवाएं समाप्त किए जाने की शिकायत लेकर सहायक आयुक्त (एसी ट्राइबल) विवेक पांडे से चर्चा कर रही थी। इसी दौरान महिला ने अपने साथ लाई बोतल से खुद पर पेट्रोल डाल लिया और माचिस मांगने लगी। तीन तस्वीरें देखिए कर्मचारियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला और महिला को आग लगाने से रोक लिया। इसके बाद सहायक आयुक्त विवेक पांडे ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत सामान्य है। अन्य रसोइयों ने भी जताई नाराजगी
घटना के समय महिला के साथ अन्य अंशकालीन रसोइए भी मौजूद थीं। उन्होंने बताया कि वे पिछले 15 से 20 वर्षों से छात्रावासों में काम कर रही हैं, लेकिन हाल में बिना पूर्व सूचना के हटाए जाने की स्थिति बन गई है। रसोइयों ने चेतावनी दी कि यदि सेवाएं बहाल नहीं की गईं तो वे भी ऐसा कदम उठाने को मजबूर होंगी। अधिकारी ने हटाने के आदेश से किया इनकार
सहायक आयुक्त विवेक पांडे ने स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी को हटाने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि हालिया समीक्षा में यह सामने आया है कि कई छात्रावासों में स्वीकृत पदों से अधिक कर्मचारी बिना नियुक्ति आदेश के रखे गए हैं। ऐसे कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। विभागीय स्तर पर चल रहा विरोध
विभागीय सूत्रों के अनुसार, इसी निर्णय के विरोध में अंशकालीन कर्मचारी पिछले कुछ दिनों से ज्ञापन सौंप रहे हैं। मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर स्थिति की समीक्षा की जा रही है।


