नए साल पर गोविंद देवजी को पहनाई गई सुनहरी पोशाक:मोती डूंगरी गणेशजी का स्वर्ण मुकुट से श्रृंगार, मंदिर में सुबह 4 बजे से उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

नववर्ष 2026 के पहले दिन जयपुर के आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर में गुरुवार सुबह चार बजे मंगला आरती के साथ नए साल की शुरुआत हुई। साल के पहले दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। मंगला दर्शन को लेकर देर रात से ही कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। जयपुर के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों और देश-विदेश से आए भक्तों ने ठाकुर जी के दर्शन किए। सुबह से मंदिर परिसर जय श्री राधे के जयघोष से गूंजता रहा।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि नववर्ष के पहले दिन श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित रखा गया। प्रवेश और निकासी मार्गों पर विशेष प्रबंध किए गए थे। पुलिस और स्वयंसेवकों की मदद से भीड़ नियंत्रण किया गया, ताकि दर्शन में किसी तरह की अव्यवस्था न हो। नव वर्ष पर ठाकुर श्रीजी का विशेष श्रृंगार गोविंद देवजी मंदिर में आज विशेष श्रृंगार किया गया है। ठाकुर जी को सुनहरी पोशाक धारण कराई गई है। दिनभर अलग-अलग समय पर झांकियों के दर्शन होंगे और श्रद्धालु सुमधुर दर्शन कर सकेंगे। भक्तों ने मंगल आरती में शामिल होकर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मोती डूंगरी गणेश मंदिर में 56 तरह के लड्डुओं का भोग
जयपुर स्थित प्रथम पूज्य मोती डूंगरी गणेश मंदिर में भी नववर्ष के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह तड़के से ही गणपति बप्पा के दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार सहित मंदिर पहुंचे और नए साल की शुरुआत गणेश जी का आशीर्वाद लेकर की।
मोती डूंगरी गणेश मंदिर के महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि नववर्ष के अवसर पर गणेश जी को विशेष श्रृंगार के साथ सोने का मुकुट धारण कराया गया है। इस बार भोग की परंपरा को विशेष रूप दिया गया है। उन्होंने बताया कि 56 भोग की जगह 56 तरह के लड्डुओं का विशेष भोग लगाया जा रहा है। इसमें बेसन, मोतीचूर, नारियल, रवा-सूजी, आटा, मेवा और मलाई के लड्डुओं के साथ-साथ पिस्ता, सीताफल, वनीला और स्ट्रोबेरी जैसे फ्लेवर के लड्डू शामिल हैं। इसके अलावा चूरमा, मूंग, ड्राई फ्रूट और गुलकंद के लड्डू भी भोग में रखे गए हैं। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मोती डूंगरी गणेश मंदिर में दर्शन की अलग व्यवस्था की गई है। प्रवेश के लिए सात लाइनें और निकासी के लिए आठ लाइनें तय की गई हैं, ताकि दर्शन सुचारु रूप से हो सकें। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में विशेष इंतजाम किए गए हैं।
मंदिरों में भीड़, शहर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू
नववर्ष के पहले दिन गोविंद देवजी मंदिर और मोती डूंगरी गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं की अधिक संख्या को देखते हुए दोनों मंदिरों के आसपास और उनसे जुड़े प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। ट्रैफिक पुलिस की टीम मौके पर तैनात रही और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

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