हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर के ब्रांदली में पंच-वीर चतर खंड देवता के जन्मोत्सव पर वीरवार को हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। कंछीड़ घोड़ी के आराध्य देवता साहिब के जन्मदिवस पर दूर-दराज से आए भक्तों ने मंदिर में दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त किए। मंदिर परिसर “जय पंचवीर” के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा हर वर्ष 18 पौष को मनाए जाने वाले इस पारंपरिक जन्मोत्सव में कड़ाके की ठंड भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं पाई। भक्तों ने पंच-वीर मंदिर में शीश झुकाकर देवता साहिब से सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। दिनभर मंदिर में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। जन्मोत्सव के अवसर पर ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाटियों का दौर चलता रहा। वाद्ययंत्रों की धुनों पर थिरके महिलाएं और बच्चे वहीं महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर थिरकते नजर आए, जिससे मंदिर परिसर में उत्सव और उल्लास का माहौल बना रहा। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, देवता साहिब के जन्मदिवस पर मंदिर में हाजिरी भरने से जीवन में खुशहाली और समृद्धि बनी रहती है। सदियों पुरानी परंपरा श्रद्धा के साथ मनाई देवता साहिब चतर खंड के मोत मीन डॉ. केदार ने बताया कि देवता साहिब का जन्मोत्सव सदियों से श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इस पावन अवसर के साक्षी बनते हैं और धार्मिक आस्था व देव परंपराएं आज भी उसी श्रद्धा और उल्लास के साथ निभाई जा रही हैं।


