झालावाड़ के पनवाड़ कस्बे में 31 दिसंबर की शाम नववर्ष 2026 के स्वागत में एक भव्य सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन एक मैरिज रिसॉर्ट में हुआ, जहां सूर्यास्त के साथ ही रिसॉर्ट रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा और पूरा परिसर उत्साह व उमंग से भर गया। अग्नि चरी नृत्य ने बांधा समां
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। मोर पंख झांकी और राधा-कृष्ण नृत्य ने श्रद्धा और कला का सुंदर संगम प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद अग्नि चरी नृत्य और राजस्थानी लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। तालियों की गूंजती रही गड़गड़ाहट
प्रत्येक प्रस्तुति पर दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही, जो भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्ध परंपराओं को दर्शाती थी। जैसे-जैसे रात गहराती गई, उत्सव का रंग और गाढ़ा होता गया। श्रीराम डीजे की धुनों पर युवाओं का जोश चरम पर पहुंच गया, और संगीत की ताल पर थिरकते कदमों ने पूरे आयोजन को ऊर्जा से भर दिया। आतिशबाजी से रोशन हुआ आसमान
नववर्ष के स्वागत में की गई भव्य आतिशबाजी ने आसमान को रोशनी से सजा दिया और सभी के चेहरों पर खुशी बिखेर दी। इस खास मौके पर पनवाड़ कस्बे के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए, जिसमें महिलाएं, बच्चे और युवा सभी ने परिवार के साथ नववर्ष का आनंद लिया। पुलिस पूरी तरह से रही मुस्तैद
आयोजन के दौरान पनवाड़ पुलिस की मुस्तैदी और सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली, जिसके चलते पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रहा। संगीत, संस्कृति, सुरक्षा और उल्लास के इस अनूठे संगम के साथ मनाया गया नववर्ष 2026 का यह स्वागत पनवाड़ के इतिहास में यादगार बन गया।


