साइबर पुलिस थाना ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जा रही संगठित साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश लगातार जारी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी आम लोगों को फर्जी व मैलिशियस लिंक भेजकर उनके मोबाइल फोन को हैक करते थे। इसके बाद पीड़ितों के क्रेडिट व डेबिट कार्ड विवरण का दुरुपयोग कर Flipkart, Amazon, Swiggy, Zepto और Blinkit जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से महंगे सामान और मोबाइल फोन ऑर्डर किए जाते थे। इस पूरे मामले का खुलासा मुखबिर से मिली सूचना के बाद हुआ, जिसके आधार पर पुलिस टीम ने ठोस तकनीकी व गोपनीय सूचनाओं के सहारे कार्रवाई करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। साइबर ठगी से प्राप्त मोबाइल फोन नेपाल के रास्ते अन्य देशों में भेजे जाने के साक्ष्य भी मिले पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया- ऑनलाइन साइबर वित्तीय धोखाधड़ी और ई-कॉमर्स से जुड़े अपराधों की रोकथाम के लिए एसीपी (क्राइम) मनीष अग्रवाल के निर्देशन में विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने आरोपियों की पहचान कर उनके पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी थर्ड पार्टी एप्लिकेशन और डिजिटल पहचान चोरी के माध्यम से भुगतान करते थे तथा Flipkart Minute जैसी त्वरित डिलीवरी सेवाओं का दुरुपयोग कर बहुत कम समय में सामान प्राप्त कर लेते थे। साइबर ठगी से प्राप्त मोबाइल फोन नेपाल के रास्ते अन्य देशों में भेजे जाने के साक्ष्य भी पुलिस को मिले हैं। एक आरोपी को जेसी भेजा, दूसरा पुलिस रिमांड पर मामले में साइबर पुलिस थाना में विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर गहन अनुसंधान किया जा रहा है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी पुलिस जांच से बचने और वित्तीय लेन-देन छुपाने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करते थे। प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे एक संगठित अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह माना जा रहा है। पूर्व में गिरफ्तार आरोपी अमोल चौपड़ा को जेसी में भेज दिया गया है, जबकि दूसरे आरोपी सक्षम खण्डेलवाल को न्यायालय से दो दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त हुआ है। प्रकरण से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश के साथ-साथ डिजिटल, वित्तीय और अंतरराष्ट्रीय लिंक की जांच लगातार जारी है।


