राजधानी भोपाल में रानी कमलापति स्टेशन के पास बंसल वन बिल्डिंग स्थित द रास्ता हाउस और माय बार के संचालकों के यहां जीएसटी चोरी की जांच में स्टेट जीएसटी की टीम को ठंड में पसीना आ गया। टीम के अफसर राजनीतिक दबाव के बावजूद इस बात पर अड़े रहे कि टैक्स चोरी की राशि जमा कराए बिना जांच बंद नहीं करेंगे। ऐसे में 31 दिसंबर को न्यू ईयर कार्यक्रम की बुकिंग गड़बड़ाते देख रेस्टोरेंट और बार संचालकों ने 25 लाख रुपए जमा किए, तब जाकर टीम ने जांच बंद की। बंसल वन स्थित इस रेस्टारेंट और बार में सोमवार शाम से देर रात तक जांच चली थी। इसके बाद मंगलवार को दिन भर यहां जांच होती रही। इस दौरान भाजपा नेताओं के फोन जांच टीम के अफसरों और जीएसटी कमिश्नर तक पहुंचते रहे। ये सभी जांच बंद करने के लिए प्रेशर बना रहे थे और टैक्स की बकाया राशि जमा करने को भी तैयार नहीं हो रहे थे। बताया जा रहा है कि जब जांच टीम ने साफ कह दिया कि 25 लाख रुपए जमा किए बगैर नहीं हटेंगे, तब जाकर यह रकम जमा कराई गई, क्योंकि ऐसा न होने पर 31 दिसम्बर की यहां की न्यू ईयर प्रोग्राम की बुकिंग प्रभावित होना तय था। जांच टीम ग्राहकों को रेस्टारेंट और बार में नहीं आने दे रही थी। शराब की खपत से हुआ टैक्स चोरी का खुलासा इस रेस्टारेंट और बार के संचालक द्वारा दो माह से जीएसटी रिटर्न फाइल नहीं किया जा रहा था, जबकि हर माह रिटर्न फाइल करना जरूरी है। ऐसे में स्टेट जीएसटी के अफसरों ने आबकारी विभाग से यह जानकारी जुटाई कि माय बार में रोज कितनी शराब सप्लाई होती है। शराब सप्लाई और खपत की जानकारी आने के बाद टैक्स चोरी किया जाना स्पष्ट हो गया तो टीम ने रेड डाली। बताया जाता है कि लिकर पर 18 प्रतिशत और फूड पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगता है, जो नहीं चुकाया जा रहा था। अभी यहां से जब्त किए गए सप्लाई और बिक्री के दस्तावेजों की स्क्रूटनी जीएसटी टीम के अधिकारी कर रहे हैं और आने वाले समय में इसके खिलाफ और भी टैक्स बकाया सामने आना तय माना जा रहा है।


