इवेंट्स की भरमार वाले जयपुर में सांस्कृतिक प्रयोग के नाम पर विदेशी कलाकारों को दिया जा रहा प्रोत्साहन समझ से परे है। बीते माह की ही बात करें तो राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में करीब 12 ऐसे कार्यक्रम हुए, जिन पर 20 लाख रुपए से अधिक खर्च किए गए। हो सकता है कि ये कला या कलाकार आला दर्जे के हों, लेकिन दर्शकों की समझ से परे रहे इन आयोजनों में लोगों की रुचि नहीं दिखी। 648 सीटों वाले मुख्य सभागार में सन्नाटा पसरा रहा और 50 दर्शक जुटाना भी मुश्किल हो गया। हर आयोजन में 70% से अधिक कुर्सियां खाली रहीं। हैरानी की बात यह रही कि इनमें से अधिकतर शो टिकट आधारित थे, फिर भी टिकट बिक्री नाममात्र ही रही। इसके विपरीत, जब देशी कलाकार मंच पर आए तो वही हॉल हाउसफुल हो गया। अब सवाल उठ रहे हैं कि बिना ठोस ब्रांडिंग और ऑडियंस तैयार किए विदेशी कलाकारों पर लाखों रुपए खर्च करना वास्तव में सांस्कृतिक प्रयोग है या जनता के पैसों की खुली बर्बादी? किंत्सुगी; 3 दिसंबर, मुख्य सभागार }कलाकार : कनाडा की प्रतिष्ठित संस्था सम्प्रदाय डांस क्रिएशंस की प्रस्तुति। }खर्चा : सभागार किराया 1 लाख 20 हजार और कलाकारों पर खर्च 96 हजार (कुल-2.16 लाख रुपए) }ऑडियंस : 20% भी नहीं। नृत्य प्रस्तुति ‘विस मोट्रिक्स’; 8 दिसंबर, मुख्य सभागार }कलाकार : स्विट्जरलैंड और जर्मनी की कूकून डांस कंपनी के कलाकारों की प्रस्तुति। }खर्चा : सभागार किराया 1,20,000 और आर्टिस्टों पर खर्च लगभग 1,50,000 (कुल- 2.7 लाख रुपए) }ऑडियंस : 30% भी नहीं। एलेक्ज़ांद्र हेरेर का बॉम्बे एक्सपीरियंस; 12 दिसंबर, मुख्य सभागार }कलाकार : मृदंगम और कोन्नाकोल के उस्ताद बी.सी. मंजीनाथ और रैपर मनमीत कौर। }खर्चा : सभागार किराया 1,20,000 और आर्टिस्टों पर खर्च 2,07,000 रुपए (कुल 3.27 लाख रुपए) }ऑडियंस : 30% भी नहीं। फीमेल अफेयर्स की संध्या; 18 दिसंबर, मिनी सभागार }कलाकार : इंडिया-जर्मनी आधारित पार्ट एन्सेम्बल के चार विशिष्ट कलाकार- एवेलिन डेगेन, आल्बा गोंजालेज, मैथियास ग्यूटिंग और वरुण देसाई। }खर्चा : सभागार किराया 35,000 और आर्टिस्ट पर खर्च लगभग 1,50,000 (कुल-1.85 लाख रुपए) }ऑडियंस : 172 सिटिंग कैपेसिटी वाले हॉल में 50 लोग भी नहीं पहुंचे। कथक प्रस्तुति- इमर्स्ड; 19 दिसंबर, मुख्य सभागार }कलाकार : प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना एवं नृत्य-रचनाकार अदिति मंगलदास। }खर्चा : सभागार किराया 1,20,000 और आर्टिस्ट पर खर्च 2,00,000 (कुल-3.2 लाख रुपए) }ऑडियंस : लगभग 30% राजस्थानी कॉन्सर्ट- फ्रेंच रॉक मीट्स डेजर्ट फोक; 26 दिसंबर, मुख्य सभागार }कलाकार : धोद ग्रुप और फ्रेंच रॉक गिटारिस्ट एवं गायक यारोल पॉपो की परफॉर्मेंस। }खर्चा : सभागार किराया 1,20,000 और आर्टिस्टों पर खर्च 1,50,000 (कुल-2.7 लाख रुपए) }ऑडियंस : लगभग 50%। रूहानी ख़याल- शास्त्रीय संगीत की संध्या; 29 दिसंबर, मुख्य सभागार }कलाकार : शास्त्रीय गायक एवं कोलकाता स्थित संगीत रिसर्च अकादमी के पूर्व निदेशक पं.अमित मुखर्जी। }खर्चा : सभागार किराया 1,20,000 और आर्टिस्ट पर खर्च 70,000 (कुल- 1.9 लाख रुपए) }ऑडियंस : 20-30% भी नहीं। एक माह में हुए आयोजन में ऑडियंस की मौजूदगी नहीं -रक्षत हूजा, प्रोग्राम कंसल्टेंट, राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर हाल ही हुए इवेंट में भी कुछ चुनिंदा सीटों को छोड़ पूरा हॉल खाली रहा। यही स्थित लगभग हर आयोजन में देखने को मिलती है।


