शहर में ट्रैफिक सिग्नल पर शर्मनाक एक तस्वीर अब आम हो चुकी है। सुबह होते ही कुछ लोग पूरी तैयारी के साथ चौराहों पर डेरा जमा लेते हैं। पहले आसपास बैठकर पूरा मेकअप किया जाता है और फिर शुरू हो जाता है पैसे मांगने का सिलसिला। ये लोग खुद को किन्नर बताते हैं, लेकिन असल में कौन असली है और कौन नकली, यह कोई नहीं जानता। इतना जरूर है कि आम लोग इनकी हरकतों से लगातार परेशान हैं। कार के पास आकर रास्ता रोकना, खिड़कियों पर थपथपाना, सामने खड़े होकर डांस करना, पैसे न देने पर ताने मारना और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना अब रोजमर्रा की बात है। कई मामलों में ट्रैफिक लाइट पर खड़े लोगों को बिना झिझक छुआ जाता है। यह स्थिति न सिर्फ असहज है, बल्कि डर पैदा करने वाली भी है। पंजाब की पहली पीएचडी ट्रांसजेंडर व नेशनल लोक अदालत की जज पैनल मेंबर मोहिनी महंत कहती हैं कि 10-10 रुपये मांगना भीख है और यह उनकी परंपरा या काम का हिस्सा नहीं है। ऐसी हरकतों से असली ट्रांसजेंडर कम्युनिटी की छवि खराब हो रही है। किन्नर हमेशा दुआ देते हैं, दादागिरी या बुरा बर्ताव नहीं करते। बदतमीजी करने वाला असली किन्नर नहीं हो सकता। ट्रांसजेंडर पहचान के लिए टीजी कार्ड अनिवार्य सरकार ने ट्रांसजेंडर पहचान के लिए टीजी कार्ड अनिवार्य किया है, जो सेंटर गवर्नमेंट से बनता है। डीसी की मोहर से मान्य होता है। लुधियाना में जहां 1500 से 2000 ट्रांसजेंडर होने का दावा है, वहीं टीजी कार्ड सिर्फ 70 से 85 लोगों के ही बने हैं। ऐसे में सवाल साफ है कि रेड लाइट्स पर खड़े लोग कौन हैं। अब जरूरत है कि सरकार और प्रशासन इस पर आंखें खोलें, ताकि आम लोग भी राहत महसूस कर सकें। ट्रांसजेंडर का मतलब तालियां बजा भीख मांगना नहीं पंजाब की पहली पीएचडी ट्रांसजेंडर व नेशनल लोक अदालत की जज पैनल मेंबर मोहिनी महंत कहती हैं कि ट्रांसजेंडर होने का मतलब तालियां बजाकर भीख मांगना नहीं है। यह एक तरह का स्कैम बन चुका है, जिसे लोग महंत समझकर पैसे दे रहे हैं। ये लोग पूरी तरह सक्षम होते हुए भी आसान कमाई का रास्ता चुन रहे हैं। असली ट्रांसजेंडर यूं चौक में दुर्व्यवहार नहीं करते। ऐसी अभद्रता करने वाले हर उस व्यक्ति से ट्रांसजेंडर प्रूफ मांगा जाए जो खुद को किन्नर बताकर पैसे मांग रहा है। इससे हमारा समाज में बना सम्मान भी खतरे में पड़ रहा है। असली ट्रांसजेंडर भी इन से नाराज, किया किनारा मामले पर ट्रांसजेंडर कम्युनिटी खुद नाराज है। उनका साफ कहना है कि चौराहों, बसों और ट्रेनों में इस तरह भीख मांगने की इजाजत उनकी कम्युनिटी कभी नहीं देती। डेरे में रहने वाले ट्रांसजेंडर टोली बनाकर सिर्फ बधाई लेने जाते हैं, जहां नाच-गाकर दुआ देकर खुशी से सम्मान स्वरूप रकम ली जाती है। कम्युनिटी के मुताबिक ऑल ओवर पंजाब में 2012 से मंसा फाउंडेशन वेलफेयर सोसायटी की तरफ से मिनिस्ट्री के सहयोग से गरिमा गृह चलाया जा रहा है, जहां ट्रांसजेंडर स्किल सीखकर आत्मनिर्भर बन रहे है। और गरिमा गृह खोले जाने की योजना है, ताकि वे रहना, खाना और काम सीख सके। डीसी से मिलकर अब तक 18 ट्रांसजेंडर को नौकरी दिलाई जा चुकी है, जिनमें से कई प्राइवेट सेक्टर में 30 हजार रुपये तक भी कमा रहे हैं। कम्युनिटी की मांग है कि मंगता एक्ट सख्ती से लागू किया जाए और पुलिस चौराहों से ऐसे लोगों को हटाए। असली ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को सम्मान के साथ जीने का हक मिल सके। शर्मनाक… किन्नरों ने मातम से आ रहे परिवार से मांगे पैसे, नहीं दिए तो कपड़े उतार किया हंगामा लुधियाना|नए साल के प्रथम दिन पर भारत नगर चौक पर किन्नरों की दादागिरी से दोपहर में भारत नगर चौक में हंगामा हो गया। पीड़ित परिवार के अनुसार, वे कार से चौक पार कर रहे थे, तभी किन्नरों के एक समूह ने रास्ता रोक लिया और बधाई के नाम पर पैसे मांगने लगे। कार में चालक के साथ उसकी प|ी और अन्य परिजन मौजूद थे। परिवार ने पैसे देने से इंकार कर दिया। शांति भंग करने वालों की पहचान कर कार्रवाई होगी लागू हो मंगता एक्ट भारत नगर चौक पर लोगों से उलझे… हमें गालियां दीं, बोले-हमें डीसी से परमिशन है कैसी-कैसी बदसलूकी }बाल रंगाने के पैसे हैं तो देने को क्यों नहीं पीड़ित ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि वे उस समय गहरे शोक में थे। कार में महिला ने रोते हुए कहा कि उनके पिता का हाल ही में निधन हुआ है और वे इसी सिलसिले में एक जरूरी काम से निकले थे। स्थिति बताने पर भी किन्नर सुनने को तैयार नहीं हुए और नाजायज मां-बहन की गंदी गालियां देने लगे। हमने विरोध किया तो किन्नरों ने तमाशा करना शुरू कर दिया। जिससे परिवार को अपमानित महसूस करना पड़ा। किन्नरों ने अपने कपड़े उतरने भी शुरू कर दिए और यहां तक कहा कि हमें डीसी से परमिशन है। भीख मांगना हमारा अधिकार है। आस-पास के लोगों को भी उन्होंने गालियां दीं। हंगामे से भारत नगर चौक पर करीब 15 से 20 मिनट तक ट्रैफिक जाम रहा। थोड़ी देर में ट्रैफिक मुलाजिम भी आया, लेकिन किन्नरों ने उसे भी सीरियस नहीं लिया। थाना 8 के थाना प्रभारी अमृतपाल शर्मा ने कहा, उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का मामला संज्ञान में आया है। अव्यवस्था फैलाने और बदसलूकी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।


