राजधानी में अलग-अलग जगहों पर पिछले 20 दिनों में 6 घरों और दुकानों में अगलगी की घटना हो चुकी है। दैनिक भास्कर ने स्टेट फायर ऑफिसर जितेंद्र तिवारी से अगलगी की इन घटनाओं के कारणों को जानना चाहा। उन्होंने बताया कि घरों व दुकानों की सुंदरता बढ़ाने के लिए लोग वूडेन पाईलिंग करा रहे हैं। इसमें फोम व रूई का इस्तेमाल किया जाता है ताकि दीवार की एक ओर से दूसरी ओर आवाज न जाए। इसके अलावा फॉल्स सिलिंग भी खूब कराया जा रहा है। वहीं वायरिंग में जिस तार का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसपर क्षमता से अधिक लोड भी दिया जा रहा है। ऐसे में शॉर्ट सर्किट होना स्वभाविक है। मामूली स्पार्किंग भी कुछ ही मिनटों में पूरे घर व दुकानों को खाक कर रही है। समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं होने के 3 प्रमुख कारण 1. फायर ब्रिगेड में दमकल गाड़ी और कर्मचारियों की कमी 2. आग की सूचना पर घटना स्थल पर पहुंचने में समय लगना। 3. उंची बिल्डिंग में आग बुझाने के लिए हाईड्रोलिक मशीन नहीं होना। फायर ब्रिगेड के पास संसाधन की कमी … मात्र 18 गाड़ी के भरोसे चल रहे चार फायर स्टेशन फायर ब्रिगेड के पास संसाधन की काफी कमी है। मैन पावर के अलावा दमकल की गाड़ी भी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं है। मात्र 18 दमकल गाड़ियों के भरोसे 4 फायर स्टेशन चल रहे हैं। वाटर टेंडर टाईप बी की 10 गाड़ी है जिसमें एक गाड़ी की क्षमता 4500 लीटर पानी ढोने की है। इसके अलावा वाटर वाउजर गाड़ी की संख्या दो है जिसकी क्षमता 7500 लीटर प्रति गाड़ी है। मिनी मिक्स वाटर टेंडर गाड़ी की संख्या चार है जिसकी क्षमता 500 लीटर पानी आैर 50 लीटर फोम की है। वहीं फोम टेंडर वाटर वाली दो गाड़ी जिसकी क्षमता 4500 लीटर पानी और 500 लीटर फोम की है। 18 करोड़ की लागत से एक हाईड्रोलिक मशीन तो है लेकिन वह खराब पड़ा हुआ है। दूसरे फायर स्टेशन से करना पड़ता है संपर्क, 12 किलोमीटर दूर से पहुंचती है दमकल राजधानी में किसी भी जगह पर भयावह आग लगने की स्थिति में सभी 4 फायर स्टेशन से गाड़ी मंगानी पड़ती है। ऐसे में एक फायर स्टेशन से दूसरे फायर स्टेशन के इलाके में पहुंचने के लिए दमकल गाड़ी को औसतन 12 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। दमकल कर्मियों ने बताया कि एक फायर स्टेशन में सीमित गाड़ी है। ऐसे में पानी खत्म होता है, तो दूसरे फायर स्टेशन की गाड़ी से आग पर काबू पाने की कोशिश की जाती है। तबतक पहले से खाली हुए दमकल गाड़ी में पानी रिफिलिंग कराया जाता है। इसमें काफी समय लगता है, तब तक सारे सामान खाक हो जाते हैं। भास्कर एक्सपर्ट- जितेंद्र तिवारी, स्टेट फायर ऑॅफिसर 39 गाड़ियां मंगाई जा रहीं आग नहीं लगे, इसके लिए कुछ सावधानियां जरूरी हैं। फायर रेसिस्टेंट मटेरियल का इस्तेमाल घर के इंटीरियर में करें। अच्छे केबल का इस्तेमाल करें। अग्निशमन गाड़ियों की कमी दूर की जा रही है। मिनी वाटर टेंडर विथ मिक्स टेक्नोलॉजी की 39 गाड़ियां आएंगी, जो संकरी गली में तुरंत आग बुझा सकेगी। केस-1 अरगोड़ा… पर्ल आर्किड अपार्टमेंट के 9वें तल पर शॉर्ट सर्किट से आग 26 दिसंबर 2025: अपार्टमेंट की 9वीं मंजिल पर बंद फ्लैट में सुबह लगभग 8.20 बजे लगी आग लगी। 8.25 बजे सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। 9वीं मंजिल पर आग लगने की वजह से दमकल की टीम तत्काल आग पर काबू नहीं पा सकी। दमकल की 7 गाड़ियां 2 घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा सकी। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया। केस-2 अरगोड़ा…पेंट, थिनर जैसे केमिकल से दुकान में तेजी से फैल गई आग 27 दिसंबर 2025: अरगोड़ा चौक स्थित सत्यम इंटरप्राइजेज नामक हार्डवेयर दुकान में आग लग गई। जबतक दमकल गाड़ी मौके पर पहुंची, सारे सामान खाक हो गए। दुकान में रखे पेंट, थिनर और प्लास्टिक के सामान की वजह से आग तेजी से फैली। कड़ी मशक्कत के बाद अग्निशमन विभाग आग पर काबू पा सका। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया। केस-3 कांके… दवा दुकान के बाहर लगे बोर्ड में आग पूरे दुकान में फैल गई 29 दिसंबर 2025 : कांके रोड स्थित केयर एंड क्योर मेडिसिन नामक दवा दुकान के बाहर लगे बोर्ड में अचानक आग लग गई। दमकल की गाड़ी ने आग को नियंत्रित किया। हालांकि तब तक दुकान में रखी सारी दवाइयां खाक हो चुकी थीं। मेडिसिन दुकान के मालिक ने बताया कि वे लोग दुकान बंद कर घर चले गए थे। गोंदा थाना प्रभारी ने बताया कि शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटना हुई।


