तेज सर्दी से अस्पतालों में हाइपोथरमिया और हार्ट संबंधी केस काफी बढ़ गए हैं। एसएमएस, जेके लोन जैसे प्रमुख अस्पतालों में पिछले तीन दिन में 900 से अधिक केस हाइपोथरमिया-निमोनिया और 600 से अधिक केस हार्ट डिजीज के आ चुके हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि सर्दी में ये दोनों बीमारी बढ़ती हैं, लेकिन इस बार केस बहुत ज्यादा आ रहे हैं। पिछले साल की तुलना में करीब 20 प्रतिशत अधिक केस आए हैं। यह आंकड़ा महज दो अस्पतालों का है। अगर गणगौरी, जयपुरिया, कांवटिया और निजी अस्पतालों के आंकड़े पर गौर करें तो यह संख्या दो हजार प्रतिदिन तक पहुंच गई है। डॉक्टर्स के मुताबिक यदि सर्दी में यही तेजी रही तो आने वाले दिनों में मरीजों का आंकड़ा और बढ़ना तय है। एक्सपर्ट ने कहा- पारे में 1 डिग्री की कमी 2% बढ़ा देती है हार्ट अटैक का खतरा हाइपोथरमिया का खतरा बच्चों को ज्यादा; शरीर का तापमान सामान्य 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है। इससे बच्चों में कंपकंपी, सुस्ती, थकान, अकड़न, त्वचा का पीला पड़ना और धीमी हृदय गति के लक्षण देखने को मिलते हैं। गंभीर स्थिति में यह श्वसन और हृदय संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है। निमोनिया में तेज बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, छाती में दर्द भी बहुत होता है। ऐसे करें बचाव भास्कर एक्सपर्ट : डॉ. कैलाश मीणा, अधीक्षक जेके लोन, डॉ. अशोक गुप्ता व डॉ. एसडी शर्मा, सी. पीडियाट्रिशियन


