पुलिस-तस्करों का गठजोड़ इतना मजबूत है कि पुलिस पर ही तस्करों को बड़ी आसानी से सीमा पार करवाने के आरोप लग रहे हैं। ताजा मामला राजस्थान और मध्यप्रदेश से जुड़ा है। हैंगिग ब्रिज टोल पर गत 29 नवंबर को तस्करों ने पिकअप से मप्र सेंट्रल नारकोटिक्स ब्यूरो की गाड़ी को टक्कर मारी। टीम ने घेराबंदी कर ड्राइवर और खलासी को पकड़ लिया। पिकअप से 911 किलो 540 ग्राम डोडाचूरा मिला, जो नीमच से बीकानेर ले जा रहे थे। चौंकाने वाली बात ये है कि आरकेपुरम थाने की बोराबास चौकी का कांस्टेबल मोहितराज पर तस्करों की मदद का आरोप है। ड्राइवर ने कबूला है कि 24 नवंबर को हैंगिंग ब्रिज पर चढ़ने से पहले बोराबास में पिकअप खराब हुई थी, तब मोहित ने उनकी गाड़ी को ठीक करवाया था। जांच अधिकारी डीएसपी मनीष शर्मा का कहना है कि शिकायत गंभीर है। तस्करी का रूट – हैंगिंग ब्रिज→, नयागांव→, बोराबास→, कोलीपुरा→, रावतभाटा→, गांधीसागर→, मनासा→, कुकड़ेश्वर→ से नीमच तस्कर एमपी से राजस्थान के हैगिंग ब्रिज पहुंचने के लिए पिछले कुछ समय से नए रूट को अपना रहे हैं। हैगिंग ब्रिज पहुंचने के बाद आगे नाकाबंदी और सेटिंग के हिसाब से तस्कर चित्तौड़गढ़, उदयपुर, जयपुर, बीकानेर, जोधपुर तक का अलग-अलग रूट अपनाते हैं। पुलिस जब भी माल पकड़ती है तो तस्कर भाग छूटते हैं। बहुत कम मामलों में माल के साथ ड्राइवर-खलासी पकड़े जाते हैं, लेकिन तस्कर हाथ नहीं आते। राजस्थान में तस्करी में लिप्त 66 पुलिस अफसर-कर्मचारी, 35 पर FIR, 21 बर्खास्त हुए राजस्थान में जनवरी 2019 से 2024 तक ड्रग्स तस्करी के मामलों में 66 पुलिस अधिकारियों व कार्मिकों की संलिप्तता पाई गई हैं। 35 के खिलाफ 31 केस दर्ज करवाए। जबकि 21 को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। केस 1 – एसआई रमेश बिश्नोई तस्करों की सिफारिश करने थाने गया- बीकानेर में पांचू थाना पुलिस ने 23 मार्च 2024 को भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर कार में अफीम ले जाते 2 तस्करों को पकड़कर 66 ग्राम अफीम बरामद की। उन्हें छुड़ाने एसआई रमेश बिश्नोई थाने तक पहुंच गया था। इस पर उसे सेवा से बर्खास्त किया गया। केस 1 – कांस्टेबल विक्रम सिंह बर्खास्त हुआ- चित्तौड़गढ़ जिले में तैनात कांस्टेबल विक्रम सिंह को अपराधियों से सांठगांठ के आरोप में फरवरी 2024 में सेवा से बर्खास्त किया था। पंजाब के मानसा जिले के सरदूलगढ़ थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान उसे 12 किलो ड्रग्स सहित पकड़ा था। निलंबित किया, जांच जारी: एसपी
“कांस्टेबल मोहित को निलंबित करके प्रकरण की जांच करवा रहे हैं। जांच के बाद पूरी हकीकत सामने आएगी।”
– डॉ. अमृता दुहन, एसपी कोटा शहर मोहित बोला-सारे आरोप निराधार
मोहितराज का कहना है कि आरोप गलत हैं। मैंने किसी तस्कर की कोई मदद नहीं की। मुझे तो गैलेंट्री अवार्ड देने की तैयारी है। जानबूझकर मेरी छवि बिगाड़ी जा रही है। जांच के बाद सच सामने आ जाएगा। पूछताछ में कबूला: सीआई
“ड्राइवर निर्मल पहले से रावतभाटा थाने के 27 किलो डोडाचूरा तस्करी के एक मामले में वांछित था। पूछताछ में उसने कबूला कि 29 नवंबर 2024 को टक्कर मारने के पहले बोराबास में पिकअप खराब हुई थी। कांस्टेबल मोहितराज ने उसकी मदद की थी।”
– प्रेमसिंह, सीआई पारसोली, चित्तौड़गढ़


