झारखंड में शनिवार को झालसा के निर्देश पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें एक दिन में रिकॉर्ड 16 लाख 70 हजार 146 केसों का निपटारा किया है। राज्य में ऐसा पहली बार है, जब एक दिन में इतने मामले निपटाए गए। इनमें 15.45 लाख प्री लिटिगेशन (कानूनी कार्रवाई शुरू करने से पहले विवाद को सुलझाने की प्रक्रिया) और 1.25 लाख लंबित मामले हैं। इसके लिए राज्य में 200 बेंच बनाए गए थे। झारखंड हाईकोर्ट में लगाए गए लोक अदालत में कुल 45 केसों का निपटारा हुआ। वहीं सिविल कोर्ट रांची में 2.28 लाख मामले निपटाए गए। इसके लिए कुल 60 बेंच बनाए गए थे। इस दौरान राज्यभर में 17 अरब 36 करोड़ 1 लाख 90 हजार 237 रुपए का सेटलमेंट भी हुआ। इनमें ज्यादातर मामले सुलह होने लायक आपराधिक केस, चेक बाउंस, बिजली चोरी और शादी से संबंधित थे। इससे पहले झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष हाईकोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने राज्यभर के लोक अदालत का ऑनलाइन उद््घाटन किया। उन्होंने कहा कि मुकदमे में उलझने से सामान्य जीवन बाधित हो जाता है। वह अपने परिवार पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता है। इसलिए मुकदमे में नहीं, अपने परिवार और बच्चों की परवरिश पर पैसे खर्च करना चाहिए। 1030 विधिक सहायता क्लिनिक का भी उद्घाटन जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि लोगों को लोक अदालत का सहारा लेना चाहिए, क्योंकि यहां तेजी से मामलों का निपटारा होता है। लोक अदालत में फैसला होने के बाद उसकी अपील नहीं होती। इसलिए पैसे और समय, दोनों बचते हैं। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए 1030 विधिक सहायता क्लिनिक का उद्घाटन भी किया। साथ ही 90 दिवसीय विधिक जागरूकता की शुरुआत की।


