महंगाई खा रही कमाई… बिस्कुट, चायपत्ती से लेकर साबुन की कीमत 25 फीसदी तक बढ़ी

वर्ष 2010 में आई फिल्म पीपली लाइव का गाना- सखी, सैयां, तो खूबई कमात है… महंगाई डायन खाए जात है… 2024 में भी मौजूं है। महंगाई की मार से आम आदमी त्रस्त है। इस कारण सीमित आय में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। खाद्य पदार्थों व स​ब्जियों के साथ-सा​थ अब एफएमसीजी प्रोडक्ट की कीमतें बढ़ गई हैं। सुबह की चाय से लेकर बच्चों के बिस्कुट तक महंगे हो गए हैं। इसी साल मार्च और वर्तमान बाजार दर की तुलना करें तो करीब 25% तक एफएमसीजी प्रोडक्ट महंगे हो गए हैं। जेसीपीडीए के अध्यक्ष सह चैंबर एग्जीक्यूटिव संजय अखौरी ने बताया कि एफएमसीजी उत्पादों की कीमतें बढ़ने का मुख्य कारण है कि ग्रामीण क्षेत्र में मांग बढ़ती जा रही है। वहीं, रॉ-मैटेरियल के दामों में भी लगातार वृद्धि हो रही है। कई एफएमसीजी उत्पादों के निर्माण में विदेशों से आयात किए जाने वाले पदार्थों को उपयोग में लाया जाता है। इन्हें विदेश से मंगाना भी महंगा हो गया है, क्योंकि शिपमेंट कॉस्ट में वृद्धि हुई है। इसके अलावा देश में ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट और पैकेजिंग मटेरियल के भी दाम बढ़े हैं। 3 माह में खाद्य तेल 30 रुपए महंगा, आगे दाम घटने के आसार कम एफएमसीजी उत्पाद वजन मार्च में अभी रेड लेबल चाय 500 ग्राम 255 270 ताजा चाय 250 ग्राम 55 65 ताजमहल चाय 500 ग्राम 335 360 ब्रू कॉफी 50 ग्राम 195 270 लिरिल बॉडी वॉश 250 एमएल 210 220 हॉर्लिक्स बिस्कुट 280 ग्राम 40 45 ब्रिटानिया मेरी गोल्ड 300 ग्राम 40 45 किसान टोमेटो केचअप 500 ग्राम 110 115 सर्फ एक्सेल 1 किलो 134 137 क्लिनिक प्लस शैंपू 355 एमएल 260 307 कोलगेट 200 ग्राम 130 136 डाबर पेस्ट 200 ग्राम 128 136 सेरेलॉक 40 ग्राम 240 260 (नोट : मार्च में और वर्तमान कीमत रुपए में हैं।) एफएमसीजी उत्पादों पर जीएसटी कम हो तो घटेंगी कीमतें : अखौरी संजय अखौरी ने कहा कि एफएमसीजी प्रोडक्ट घर-घर की जरूरत है। इनमें 18% जीएसटी चार्ज किया जाता है। केंद्र सरकार को कुल जीएसटी कलेक्शन का 75 प्रतिशत एफएमसीजी उत्पादों से ही मिलता है। सरकार से अपेक्षा है कि 21 दिसंबर को जीएसटी काउंसिल की होने वाली बैठक में इन उत्पादों पर जीएसटी 18 से घटाकर 12 प्रतिशत किया जाए। इससे उपभोक्ताओं को कम दाम में एफएमसीजी प्रोडक्ट उपलब्ध हो सकेंगे। खाद्य तेलों के भाव पिछले 3 माह में 30 रुपए तक चढ़ गए हैं। हालांकि, पिछले दो दिनों में कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव आया है। इस समय बाजार में अलग-अलग ब्रांड के सरसों तेल 155 से 180 रुपए प्रति लीटर तक बिक रहे हैं। अलग-अलग ब्रांड के रिफाइन तेल 148 से 170रु. प्रति लीटर तक बेचे जा रहे हैं। सरसों तेल के प्रमुख कारोबारी अर्जुन जालान ने बताया कि आगामी दिनों में भाव में कमी की संभावना कम है, क्योंकि सरसों की फसल मार्च में आएगी। इस समय प्रति लीटर का करेक्शन इसलिए हुआ है, क्योंकि नैफेड ने सरसों बेचना शुरू किया है।

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