जेएसएससी के सचिव बोले- पेपर लीक नहीं हुआ, मेरिट लिस्ट में 96 फीसदी झारखंडी

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल परीक्षा का रिजल्ट रद्द कराने की मांग को लेकर सोमवार को राज्यभर के अभ्यर्थी कार्यालय का घेराव करेंगे। इसके लिए करीब 5000 अभ्यर्थियों के रांची पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए नामकुम स्थित जेएसएससी कार्यालय के 500 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। इसी बीच आयोग ने पेपर लीक समेत अन्य गड़बड़ियों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता ने कहा-अभ्यर्थियों ने जो सबूत दिए थे, उससे कहीं साबित नहीं होता कि पेपर लीक हुआ है। सीजीएल का रिजल्ट जारी करने की बात भी गलत है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए मेरिट लिस्ट जारी की गई है, जो 16 से 20 दिसंबर तक चलेगा। इसके बाद फाइनल रिजल्ट जारी होगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छात्र नेता देवेंद्र भी वहां मौजूद थे। लेकिन जैसे ही पुलिस पहुंची, वे चेहरे पर गमछा बांधकर बाइक से निकल गए। बाहरी लोगों के अधिक पास होने के आरोप को भी गलत बताया सचिव ने कहा कि यह परीक्षा 21 और 22 सितंबर को हुई थी। अफवाह फैलाई जा रही है कि दूसरे दिन परीक्षा देने वाले ज्यादा सफल रहे हैं। लेकिन हकीकत यह है कि दूसरे दिन जनजातीय भाषाओं की परीक्षा थी, जिसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मेरिट लिस्ट में आए। उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों के ज्यादा पास होने का आरोप भी गलत है। अनारक्षित की जगह आरक्षित कैटेगरी में ज्यादा अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। एसटी के 30 फीसदी, एससी के 12 फीसदी, बीसी-1 के 22 फीसदी व बीसी-2 के 19 फीसदी अभ्यर्थी मेरिट लिस्ट में आए हैं।

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