मंदसौर जिले के धुंधड़का–बाबरेचा मगरे के पास देर रात लदूसा सांवलियाजी मंदिर के दर्शन के लिए पैदल जा रहे श्रद्धालुओं पर अज्ञात लोगों द्वारा पत्थरबाजी और मारपीट की गई। इस घटना में दो श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनके सिर में चोटें आई हैं। सूचना मिलने पर दलौदा और अफजलपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पैदल दर्शन के लिए जा रहा था श्रद्धालुओं का जत्था जानकारी के अनुसार हतुनिया निवासी श्रद्धालुओं का एक जत्था लदूसा गांव स्थित सांवलिया सेठ मंदिर की चतुर्थ वर्षगांठ पर आयोजित मेले में शामिल होने और दर्शन के लिए पैदल जा रहा था। जैसे ही श्रद्धालु धुंधड़का-बाबरेचा मगरे के पास पहुंचे, वहां मौजूद कुछ स्थानीय निवासियों ने उन्हें रोक लिया और विवाद शुरू कर दिया। विवाद बढ़ते ही अचानक पत्थरबाजी और मारपीट शुरू हो गई। हमले में दो श्रद्धालु घायल हो गए, जिन्हें सिर में गंभीर चोटें आई हैं। श्रद्धालुओं का आरोप है कि हमलावरों ने उनके वाहनों में भी तोड़फोड़ की। किसी तरह जान बचाकर पहुंचे लदूसा हमले के बाद घायल श्रद्धालु किसी तरह जान बचाकर लदूसा पहुंचे और मंदिर समिति को पूरी घटना की जानकारी दी। घटना की सूचना मिलने पर जब मंदिर समिति के पदाधिकारी और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो आरोपियों के परिजनों द्वारा दोबारा अचानक पथराव कर दिया गया। इस हमले में पदाधिकारी और ग्रामीण भी घायल हो गए। पैदल भागकर बचाई जान पथराव के दौरान पदाधिकारी और ग्रामीणों को पैदल ही वहां से भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। इसके बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। घटना की सूचना मिलने पर दलौदा और अफजलपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने पांच संदिग्ध आरोपियों को राउंडअप किया है। सभी घायल अस्पताल में भर्ती सभी घायलों को धुंधड़का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। वहीं मगरे क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी समाज के लोग भी अस्पताल पहुंचे। श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया है कि उन पर हमला लूटपाट की नीयत से किया गया। पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का बयान दलौदा थाना प्रभारी शुभम व्यास ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। वहीं एसडीओपी कीर्ति बघेल ने कहा कि दर्शन के लिए जा रहे लोगों के साथ मारपीट की घटना हुई है, जिसमें दो लोग घायल हुए हैं। जांच के बाद प्रकरण दर्ज किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है। पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना बताया जा रहा है कि करीब दो साल पहले भी इसी स्थान पर लसूड़ावन के ग्रामीणों के साथ पत्थरबाजी की घटना हुई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे और कई दिनों तक तनाव की स्थिति बनी रही थी। लदूसा के ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे पुलिस अधीक्षक से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे।


