इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से अब तक 15 लोगों की मौत के बाद इंदौर नगर निगम और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर निगम और अधिकारियों के बीच चल रही तनातनी के बीच यह मामला अब सियासी रूप ले चुका है। बीजेपी की कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने जहां अपनी ही सरकार और सिस्टम पर तीखी टिप्पणी की है, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रशासनिक लापरवाही को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इंदौर महापौर पुष्य मित्र भार्गव को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि जब आपकी नहीं चली तो पद पर बैठे-बैठे बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे? उन्होंने इसे “पाप” करार देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में न तो कोई स्पष्टीकरण होता है और न ही बचाव। प्रायश्चित होगा या दंड। उमा भारती ने इससे पहले भी दूषित पानी से हुई मौतों को प्रदेश सरकार और पूरी व्यवस्था के लिए शर्मनाक बताया था। उन्होंने कहा कि जीवन की कीमत दो लाख रुपए नहीं हो सकती और पीड़ित परिवारों का दुख जिंदगीभर बना रहता है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ितों से माफी की मांग करते हुए इसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लिए “परीक्षा की घड़ी” बताया। रेसीडेंसी कोठी बैठक में फूटा आक्रोश 1 जनवरी को रेसीडेंसी कोठी में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने प्रशासन पर खुलकर नाराजगी जाहिर की। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विभाग के एसीएस संजय दुबे, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया, गोलू शुक्ला, मधु वर्मा, कलेक्टर शिवम वर्मा, निगमायुक्त दिलीप यादव और जलकार्य प्रभारी बबलू शर्मा मौजूद थे। महापौर ने आरोप लगाया कि एक ही अधिकारी को सारे काम सौंप दिए गए हैं, जबकि बाकी अधिकारी निष्क्रिय हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते और फैसलों का पालन नहीं हो रहा। उन्होंने यह संदेश मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की बात भी कही। बैठक में एसीएस दुबे ने कहा था कि दो-तीन और अधिकारी दे रहे हैं। सही से कार्य विभाजन किया जाए जिस पर महापौर ने कहा कि अधिकारियों की कमी नहीं है। सही तरह से कार्य विभाजन किया जाए, एक ही को सभी काम दे रखे हैं। इसके बाद जलकार्य समिति प्रभारी बबलू शर्मा ने कहा था कि अब तो हाथ उठाने की नौबत आ गई है। हालत खराब हैं। पार्षद कमल वाघेला ने कहा कि अधिकारियों का रवैया ऐसा है कि पार्षदों के साथ भी मारपीट हो सकती है। वहीं विधायक हार्डिया ने भी कहा कि अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं। राहुल गांधी का बीजेपी पर हमला कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ‘एक्स’ पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि इंदौर में पानी नहीं, जहर बांटा गया और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। उन्होंने सवाल उठाए कि लोगों की शिकायतों के बावजूद पानी की सप्लाई समय रहते बंद क्यों नहीं की गई। सीवर का पानी पीने की लाइन में कैसे मिला और जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी। राहुल गांधी ने इसे जीवन के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए बीजेपी की “डबल इंजन” सरकार और लापरवाह प्रशासन को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान का प्रचार करने वाली सरकार इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह मौन है। यह वही इंदौर है जिसे लगातार आठवीं बार देश का “सबसे स्वच्छ शहर” घोषित किया गया, लेकिन यहां भाजपा की नाकामी के कारण लोग साफ पानी तक को तरस रहे हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि बीते 11 वर्षों से देश केवल बड़े-बड़े भाषण, खोखले वादे और डबल इंजन सरकार के दावे सुन रहा है, जबकि जमीनी सच्चाई बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि जब सरकार के मंत्रियों से सवाल पूछे जाते हैं तो वे जवाब देने के बजाय गाली-गलौज और बदसलूकी पर उतर आते हैं, और सत्ता के अहंकार में पत्रकारों तक को निशाना बनाया जाता है। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भाजपा सरकारें अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर रही हैं। जल जीवन मिशन सहित लगभग हर सरकारी योजना में भ्रष्टाचार और धांधली हो रही है। उन्होंने याद दिलाया कि इस मिशन के तहत 10 प्रतिशत फंड दूषित पानी को शुद्ध करने के लिए निर्धारित है, लेकिन सरकार ने न तो लोगों को स्वच्छ पानी दिया और न ही स्वच्छ हवा। इसकी कीमत आम जनता को अपनी जान और सेहत से चुकानी पड़ रही है। जवाबदेही की मांग तेज भागीरथपुरा में हुई मौतों के बाद अब प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग तेज हो गई है। सवाल यह है कि क्या इस मामले में सिर्फ बयानबाजी होगी या वास्तव में जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई भी देखने को मिलेगी। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… इंदौर में पानी में बैक्टीरिया से 15वीं मौत इंदौर में गंदे पानी से मौत के मामले में सरकार ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट भी हाईकोर्ट में पेश कर दी है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 6 जनवरी को सुनवाई की अगली तारीख तय की है। स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया है कि गंदे पानी से अबतक सिर्फ चार मौतें हुई हैं। दूसरी तरफ, 15 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। पढ़ें पूरी खबर…


