दमोह की पथरिया विधानसभा के नरसिंहगढ़ गांव में बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर दलित समाज और प्रशासन के अधिकारी आमने-सामने आ गए। यह हंगामा काफी देर तक चला, जिसके बाद पथरिया एसडीएम की समझाइश पर दलित समाज के लोग मान गए और प्रदर्शन खत्म कर दिया। दो साल पहले हटाई गई प्रतिमा स्थापना की मांग दरअसल, प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि नरसिंहगढ़ के बस स्टैंड पर दो साल पहले बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित की गई थी। बाद में इसे हटाकर पुलिस चौकी में रखवा दिया गया था। दो साल से प्रतिमा वहीं रखी है, लेकिन इसकी स्थापना नहीं की जा रही है, जबकि कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया जा चुका है।
बस स्टैंड पर ही प्रतिमा स्थापित करने की मांग इसी मांग को लेकर शुक्रवार दोपहर बहुजन समाज पार्टी के नेता कोमल अहीरवाल और दलित समाज के लोग नरसिंहगढ़ के मुख्य बाजार में एकत्रित हुए। उन्होंने बस स्टैंड पर ही प्रतिमा स्थापित करने की मांग की। हंगामे की सूचना मिलते ही दमोह सीएसपी एचआर पांडे, पथरिया एसडीएम निखित चौरसिया के साथ देहात थाना और नरसिंहगढ़ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीएम निखित चौरसिया ने लोगों को समझाया कि हाई कोर्ट के निर्देश हैं कि महापुरुषों की प्रतिमा ऐसी जगह पर स्थापित न की जाए, जहां बाद में उसे हटाने पर समस्या उत्पन्न हो। उन्होंने दलित समाज के लोगों से आपसी समन्वय स्थापित कर एक ऐसा स्थान तय करने को कहा, जहां प्रतिमा स्थापित की जा सके और भविष्य में कोई विवाद न हो। प्रशासन की समझाइश पर माने लोग
एसडीएम ने कहा कि इसके बाद प्रशासन को इस बात से अवगत कराएं की प्रतिमा की स्थापना के बाद बाबा साहब की जयंती और पुण्यतिथि को बराबर मनाया जाएगा। जहां भी उचित स्थान बताएं वहां प्रतिमा स्थापित कर दी जाएगी। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की समझाईश के बाद दलित समाज के लोगों ने प्रदर्शन बंद किया और इस बात पर राजी हुए प्रशासन से वह बात करेंगे और उचित स्थान पर ही प्रतिमा स्थापित की जाएगी।


