इंदौर में दूषित पानी पीने से 10 से अधिक लोगों की मौत के मामले को लेकर शुक्रवार को विदिशा में युवा कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला दहन किया और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्का तनाव भी देखने को मिला। नीमताल चौराहे पर किया गया प्रदर्शन युवा कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन विदिशा के नीमताल चौराहे पर किया गया। पहले से तैनात पुलिस बल मौके पर मौजूद था। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने पुतले में आग लगाई, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का प्रयोग किया। वाटर कैनन से बुझाई गई पुतले की आग कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा पुतले में आग लगाए जाने के बाद पुलिस ने पानी के बाउचरों और वाटर कैनन की मदद से आग को बुझा दिया, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। युवा कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें शासन-प्रशासन की गंभीर लापरवाही का नतीजा हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े हादसे के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रभारी मंत्री और मुख्यमंत्री पर उठाए सवाल प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इंदौर के प्रभारी मंत्री और मुख्यमंत्री मोहन यादव होने के बावजूद इस मामले में सरकार ने जिम्मेदारी नहीं निभाई। इससे जनता में रोष बढ़ रहा है। युवा कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जब पत्रकारों ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस मामले पर सवाल पूछे, तो उन्होंने अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र और पत्रकारिता के मूल्यों के खिलाफ बताया। 25 लाख मुआवजे की मांग युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष आकाश शर्मा ने कहा कि दूषित पानी से हुई मौतें सरकार की नाकामी को दर्शाती हैं। उन्होंने मांग की कि मृतकों के परिजनों को प्रति व्यक्ति 25 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। आकाश शर्मा ने कहा कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस्तीफे की उठी मांग युवा कांग्रेस नेता मोहित रघुवंशी ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मुख्यमंत्री मोहन यादव से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक युवा कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।


